Cockroach Janta Party से जुड़ी TMC सांसद Mahua Moitra? CJI की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
Mahua Moitra Joins Cockroach Janta Party: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसी विवाद के बीच एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन राजनीतिक मंच 'Cockroach Janta Party (CJP)' तेजी से चर्चा में आ गया है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा और वरिष्ठ नेता कीर्ति आजाद ने भी इस पार्टी से जुड़ने की इच्छा जताई है, जिसके बाद मामला और सुर्खियों में आ गया।

दरअसल, हाल ही में एक सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कुछ लोगों के संदर्भ में cockroaches यानी तिलचट्टे शब्द का इस्तेमाल किया था। उनके बयान का वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
Cockroach Janta Party से जुड़े महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद
17 मई को TMC सांसद महुआ मोइत्रा और वरिष्ठ नेता कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से CJP से जुड़ने की इच्छा जताई। पूर्व क्रिकेटर और TMC नेता कीर्ति आजाद ने X पर लिखा-"मैं Cockroach Janta Party जॉइन करना चाहता हूं। इसके लिए क्या योग्यता चाहिए?"
इस पर पार्टी ने जवाब दिया-1983 वर्ल्ड कप जीतना ही आपके लिए पर्याप्त योग्यता है। CJP में आपका स्वागत है। वहीं महुआ मोइत्रा ने लिखा-मैं भी CJP जॉइन करना चाहती हूं (Anti National Party की कार्ड होल्डर सदस्य होने के अलावा)। इस पर पार्टी ने जवाब दिया-महुआ मोइत्रा, आप वही लोकतांत्रिक लड़ाकू हैं जिसकी देश को जरूरत है। CJP में आपका स्वागत है।
क्या है 'Cockroach Janta Party'?
CJI की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर 'Cockroach Janta Party' नाम से एक व्यंग्यात्मक और अनौपचारिक राजनीतिक अकाउंट बनाया गया। यह अकाउंट मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी पर तंज कसते हुए शुरू किया गया था। इस पार्टी के बायो में लिखा गया-युवाओं का, युवाओं के लिए और युवाओं द्वारा बनाया गया राजनीतिक मंच। सेक्युलर - सोशलिस्ट - डेमोक्रेटिक - Lazy। यह अकाउंट लॉन्च होने के 24 घंटे के भीतर ही वायरल हो गया और हजारों लोग इससे जुड़ने लगे। पार्टी ने दावा किया कि अब तक 40,000 से ज्यादा सदस्य इससे जुड़ चुके हैं।
खुद को बताती है 'भूले गए लोगों की आवाज'
CJP की वेबसाइट के मुताबिक, यह मंच खुद को आलसी और बेरोजगार लोगों की आवाज बताता है। वेबसाइट पर लिखा गया-यह उन लोगों की राजनीतिक पार्टी है जिन्हें सिस्टम ने गिनना तक जरूरी नहीं समझा। पांच मांगें, कोई स्पॉन्सर नहीं और एक जिद्दी भीड़। पार्टी ने यह भी कहा कि बढ़ते समर्थन के साथ उन्हें बदनाम करने या "अराजक तत्व" बताने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन वे भारतीय संविधान और उसके मूल्यों में विश्वास रखते हैं।
पार्टी में शामिल होने के लिए अजीबोगरीब शर्तें
CJP ने अपने सदस्यों के लिए कुछ मजाकिया लेकिन चर्चित "योग्यता मानदंड" भी जारी किए हैं। इनमें शामिल हैं:
- बेरोजगार हों -चाहे मजबूरी में, पसंद से या सिद्धांत के कारण
- शारीरिक रूप से आलसी हों, लेकिन दिमाग चलता रहना चाहिए
- रोज कम से कम 11 घंटे ऑनलाइन रहने की क्षमता
- प्रोफेशनल तरीके से "रेंट" यानी गुस्सा निकालने की कला हो
- मुद्दों पर तीखी और ईमानदार राय रखते हों
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि सदस्यता के लिए धर्म, जाति या जेंडर नहीं देखा जाएगा।
क्या था पूरा विवाद और CJI का 'कॉकरोच' बयान?
पिछले सप्ताह एक अदालत की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा था-कुछ युवा ऐसे हैं जो तिलचट्टों की तरह हैं। उनके पास न रोजगार है, न किसी पेशे में जगह। कुछ मीडिया में चले जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया, RTI एक्टिविस्ट या दूसरे एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं। इस टिप्पणी के सामने आते ही सोशल मीडिया पर कई लोगों ने CJI की भाषा और शब्दों के चयन पर सवाल उठाए। खासकर युवाओं और बेरोजगारी से जुड़े मुद्दों को लेकर बहस तेज हो गई।
विवाद बढ़ने के बाद CJI सूर्यकांत ने अपनी टिप्पणी को लेकर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा-मुझे दुख है कि मीडिया के एक वर्ग ने अदालत में दिए गए मेरे मौखिक बयान को गलत तरीके से उद्धृत किया। CJI ने स्पष्ट किया कि उनका इशारा बेरोजगार युवाओं की ओर नहीं था, बल्कि उन लोगों की ओर था जो फर्जी डिग्री के सहारे पेशों में घुस जाते हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
CJP के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ लोग इसे युवाओं के गुस्से और बेरोजगारी पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे न्यायपालिका के खिलाफ असम्मानजनक अभियान मान रहे हैं। कई यूजर्स ने कहा कि यह मीम राजनीति का नया उदाहरण है, जहां गंभीर मुद्दों को व्यंग्य और इंटरनेट संस्कृति के जरिए उठाया जा रहा है।
इंटरनेट राजनीति का नया चेहरा?
'Cockroach Janta Party' भले ही कोई आधिकारिक राजनीतिक दल नहीं है, लेकिन इसने इंटरनेट पर युवाओं के एक बड़े वर्ग का ध्यान खींचा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना दिखाती है कि आज के दौर में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का बड़ा माध्यम भी बन चुका है। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि यह व्यंग्यात्मक पार्टी केवल ऑनलाइन ट्रेंड बनकर रह जाती है या आने वाले दिनों में यह किसी बड़े डिजिटल अभियान का रूप लेती है।














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