कौन हैं जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय, कलकत्ता हाई कोर्ट से इस्तीफा के बाद BJP में हुए शामिल
Justice Abhijit Gangopadhyay: जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने कलकत्ता हाई कोर्ट से इस्तीफा देकर राजनीति में कदम रखा है। जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने 05 मार्च को कलकत्ता हाई कोर्ट से इस्तीफा दिया और 07 मार्च को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं।
जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय कोलकाता में राज्य भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और अन्य की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए।

भाजपा में शामिल होने के बाद अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा, "बीजेपी में जिस तरह से उन्होंने मेरा स्वागत किया है वह अभिभूत करने वाला है...हर कोई जानता है कि भ्रष्टाचार से लड़ना है। संदेशखाली की घटना बहुत ही बुरी घटना है। राज्य के नेता वहां गए हैं और उन्हें वहां पहुंचने से रोका गया है।''
किस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं अभिजीत गंगोपाध्याय
अटकलें है कि जस्टिस अभिजीत बंगाल के तामलुक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। ये सीट मौजूदा बीजेपी नेता और सीएम ममता बनर्जी के पूर्व सहयोगी सुवेंदु अधिकारी की हुआ करती थी। भाजपा इन्हें इसी सीट से चुनाव लड़ा सकती है। वर्तमान में इस सीट से सुवेंदु अधिकारी के भाई दिब्येंदु अधिकारी सांसद हैं।
Who is Justice Abhijit Gangopadhyay: कौन हैं जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय?
- जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय देश के मशहूर वकीलों में एक हैं। जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने 24 सालों तक हाई कोर्ट में वकालत की है। जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय अपने विवादित फैसलों को लेकर जाने जाते हैं।
- जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय 2 मई 2018 को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कलकत्ता हाई कोर्ट में शामिल हुए थे।
- हाई कोर्ट की वेबसाइट के आंकड़ों के मुताबिक, जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय को 30 जुलाई 2020 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था।
Justice Abhijit Gangopadhyay Eduction: जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय की शिक्षा
- जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय का जन्म 1962 में कोलकाता में हुआ था। उन्होंने दक्षिण कोलकाता के एक बंगाली माध्यम स्कूल मित्रा इंस्टीट्यूशन में पढ़ाई की है ।
- कोलकाता के हाजरा लॉ कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने उत्तर दिनाजपुर जिले में अपना करियर शुरू किया, जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल सिविल सेवा ग्रेड ए अधिकारी के रूप में काम किया।
- जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने बाद में सिविल सेवा छोड़ दी और कलकत्ता हाई कोर्ट में एक राज्य वकील के रूप मे प्रैक्टिस करना शुरू कर दिया।
- जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय को 2018 में अतिरिक्त न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत किया गया और दो साल बाद स्थायी न्यायाधीश बनया गया था।
Justice Abhijit Gangopadhyay controversy: जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय विवाद
हाईकोर्ट जज के तौर पर जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने पिछले अप्रैल में एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने जब उन्होंने 'नकद के बदले स्कूल में नौकरी घोटाले' से जुड़े मामले में टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी की कथित भूमिका पर बात की थी।
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इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि 'मौजूदा जजों को टीवी चैनलों को इंटरव्यू नहीं देना चाहिए। इंटरव्यू देना जजों का काम नहीं है।'
जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने CBI और ईडी को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोपों की जांच करने का निर्देश जारी किया था।












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