Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Sengol News: कौन हैं क्लासिकल डांसर पद्मा सुब्रमण्यम, जिन्होंने सेंगोल पर PM मोदी को लिखी थी सबसे पहले चिट्ठी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन कर लोकसभा अध्यक्ष की सीट के बगल में 'सेंगोल' स्थापित करेंगे। 'सेंगोल' न्याय और शक्तियों का प्रतीक है।

Sengol Dr Padma Subrahmanyam

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई 2023 को नए संसद भवन का उद्घाटन करने वाले हैं। नए संसद भवन के उद्घाटन से पहले 'सेंगोल' सुर्खियां में है। 2021 में सेंगोल को लेकर क्लासिकल भरतनाट्यम डांसर डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम ( classical dancer Padma Subrahmanyam) ने सबसे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था।

जब पद्मा सुब्रह्मण्यम ने 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए PMO को एक पत्र लिखा था, जिसमें सेंगोल पर एक तमिल लेख का अनुवाद किया गया था, तो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनके पत्र पर कभी इतनी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

नए संसद भवन के उद्घाटन के दिन 28 मई को सेंगोल को इलाहाबाद म्यूजियम की नेहरू गैलरी से दिल्ली ले जाया गया। इस सेंगोल को नए संसद भवन में स्थापित किया जाएगा।

इंडिया टुडे के मुताबिक डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम ने विस्तार से बताया है कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेंगोल के बारे में उन्होंने क्या लिखा और इसके लिखने से क्या हुआ। उन्होंने तमिल संस्कृति के लिए सेंगोल का क्या महत्व है...इसपर भी बात की है।

डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम ने कहा, '' Thuglak पत्रिका में सेंगोल को लेकर तमिल में एक लेख छपा था। इस लेख के कंटेंट से मैं बहुत आकर्षित हुई थी। लेख में लिखा था कि कैसे चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती ने अपने शिष्य डॉ. सुब्रमण्यम को 1978 में सेंगोल के बारे में बताया था। जिसके बारे में उन्होंने अपनी किताब में भी जिक्र किया था।''

Sengol Dr Padma Subrahmanyam

सेंगोल के महत्व के बारे में बात करते हुए डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम ने कहा, तमिल संस्कृति में सेंगोल काफी महत्वपूर्ण है। उस सोने की आकार वाले राजदंड पर छत्र, सेंगोल और सिंहासन मुख्य रूप से राजा की शक्तियों के तीन प्रतीक हैं। सेंगोल को शक्ति और न्याय का प्रतीक माना गया है। ये कोई ऐसी चीज नहीं है, जो एक हजार साल पहले आई है। तमिल इतिहास में चेरा राजवंश तक इसके तार जुड़ते हैं। तमिल महाकाव्य में भी इसका उल्लेख है।''

सेंगोल पर उनकी रुचि कैसे हुई, इस बारे में बात करते हुए डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम ने कहा, ''मुझे यह जानने में दिलचस्पी थी कि यह सेंगोल इस वक्त कहां है। Thuglak पत्रिका के लेख में लिखा गया था कि आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को जो सेंगोल भेंट की गई थी, वह वर्तमान में नेहरू की जन्मस्थली आनंद भवन में रखा गया था। यह वहां कैसे गया और नेहरू और सेंगोल के बीच क्या संबंध थे, यह भी बहुत दिलचस्प है।

Sengol Dr Padma Subrahmanyam

उन्होंने बताया कि 1947 में अंग्रेजों से भारत में सत्ता हस्तांतरण के दौरान सेंगोल को कैसे और क्यों तैयार किया गया था। 1947 में जब अंग्रेजों ने भारतीयों को सत्ता सौंपी तो इसी मौके पर प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को सौंपना था। चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की गुजारिश पर तमिलनाडु (तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी) में थिरुवावादुठुरै अधीनम द्वारा राजसी 5 फीट लंबे सेंगोल को कमीशन किया गया था।

मदुरै अधीनम के पुजारी ने सेंगोल तैयार करने का जिम्मा वुमुदी बंगार चेट्टी के परिवार को सौंपा था। अधीनम के पुजारी को सेंगोल को दिल्ली ले जाने और समारोह आयोजित करने का काम सौंपा गया था। लेकिन उन्होंने सेंगोल को लॉर्ड माउंटबेटन को सौंप दिया था, जिसके बाद उन्होंने उसे वापस किया।

इसके बाद उस पर पवित्र जल छिड़क कर सेंगोल को शुद्ध किया गया। इसके बाद समारोह आयोजित करने और सेंगोल को नए शासक को सौंपने के लिए इसे नेहरू के आवास पर ले जाया गया।

Sengol Dr Padma Subrahmanyam

डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम ने कहा, ''दुर्भाग्य से सेंगोल को बाद में कभी नहीं देखा गया था। जब हम आजादी के 75 साल मना रहे थे तो मैंने सोचा कि समारोहों को फिर से करना अद्भुत होगा, इसलिए मैंने पीएमओ को पत्र लिखा है। नए संसद भवन में सेंगोल की स्थापना की बात से मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह हमारे सांसदों को देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करेगा।''

डॉ. पद्मा सुब्रह्मण्यम ने कहा, ''सेंगोल को सभी तमिल लोग अच्छी तरह से जानते हैं, हालांकि इसका महत्व भुला दिया गया क्योंकि अब कोई राजशाही नहीं है। मुझे लगता है कि सेंगोल की यह अवधारणा सिर्फ तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में थी। लेकिन दक्षिण अपनी विरासत और परंपराओं को संरक्षित करने में ज्यादा भाग्यशाली रहे हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+