दुनियाभर में दिखा कोविड वैक्सीन का असर, कम से कम एक साल तक मिलती है सुरक्षा: WHO चीफ वैज्ञानिक
नई दिल्ली, 16 नवंबर। भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई जारी है, इसी क्रम में युद्धस्तर पर लोगों का टीकाकारण किया जा रहा है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने वैक्सीन से सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। बीते सोमवार सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि वैश्विक स्तर लगाई जा रही कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराकें एक या उससे अधिक ही सुरक्षा प्रदान कर सकती है। हालांकि महामारी के खिलाफ दुनियाभर में टीकों का असर देखने को मिला है।

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि कोविड वैक्सीन की वजह से संक्रमण और उससे होने वाली मौतों के बीच संबंध टूटा है। स्वामीनाथन ने आगे कहा, 'पश्चिमी यूरोप के कई देशों में संक्रमण में वृद्धि देखी जा रही है, कुछ गंभीर मामलों के चलते अस्पताल में भर्ती होने की संख्या में भी वृद्धि हुई है...लेकिन मौतों में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। दुनियाभर में कम इम्युनिटी वाले लोगों का बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन से संक्रमण और मौतों के बीच एक बंधन को तोड़ने में कामयाबी मिली है।'
यह भी पढ़ें: Fact Check: कोरोना वैक्सीन में नहीं होता हाइड्रा का इस्तेमाल, पड़ताल में फर्जी निकला ये वायरल दावा
डब्ल्यूएचओ की चीफ वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने यह भी कहा कि ज्यादातर वयस्कों में कोविड वैक्सीन के असर की एक साल या उससे अधिक की उम्मीद है। हालांकि जो नए साक्ष्य सामने आ रहे हैं उससे लगता है कि कोरोना के खिलाफ वैक्सीन लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करेगी, भले ही खून में एंटीबॉडी का स्तर कम होने लगे। हालांकि अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए टीकाकरण के एक कोर्स होना चाहिए। बूस्टर डोज और मिक्स-एंड-मैच वैक्सीन के सवाल पर उन्होंने कहा कि हालांकि ये अभी दिलचस्प कॉन्सेप्ट है, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए डेटा होने की जरूरत है। बूस्टर डोज को लेकर उन्होंने कहा कि यह देखने की जरूरत है कि क्या अभी भी बूस्टर खुराक की आवश्यकता है या नहीं?












Click it and Unblock the Notifications