Fact Check: कोरोना वैक्सीन में नहीं होता हाइड्रा का इस्तेमाल, पड़ताल में फर्जी निकला ये वायरल दावा
नई दिल्ली, 15 नवंबर। कोरोना काल के दौरान दुनियाभर में अभी भी वैक्सीन को लेकर कई ऐसे दावे किए जा रहे हैं, जिनकी वजह से लोग भ्रमित हो रहे हैं और वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं। सिर्फ हमारे देश में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसी तरह के दावे बहुत देखने को मिल रहे हैं। ऐसा ही एक दावा पिछले काफी समय से कोरोना वैक्सीन को लेकर किया जा रहा है कि कोविड 19 वैक्सीन में हाइड्रा की एक प्रजाति को शामिल किया गया है और उसी से वैक्सीन का निर्माण हुआ है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ये दावा
ऐसे दावे भारत में भी खूब किए गए, लेकिन सभी दावे या तो फर्जी निकले या उन्हें गलत तरह से पेश किया गया। अब अगर बात करें कोविड 19 वैक्सीन में हाइड्रा की एक प्रजाति होने की तो इसकी सच्चाई को भी सामने लाना जरूरी था। दावा है कि कोविड 19 वैक्सीन में हाइड्रा प्रजाति होती है, जो मानव शरीर को संक्रमित कर सकता है। आपको बता दें कि हाइड्रा एक तरह का जीव होता है, फ्रेश वॉटर में बहुत छोटा पाया जाता है। इसी हाइड्रा का वैक्सीन में होने का दावा किया जा रहा है। इस दावे वाले पोस्ट सोशल मीडिया पर भर-भर कर सामने आ रहे हैं, जो लोगों के अंदर वैक्सीन के प्रति हिचकिचाहट पैदा कर रहे हैं।
एक वायरल वीडियो में डॉक्टर कैरी मेडेज कहती हैं कि उन्होंने वैक्सीन की सैंपल में हाइड्रा जैसा कुछ या फिर उसी जीव को देखा है। वीडियो में माइक्रोस्कोप के तहत दिखाया गया है। वीडियो में कहा जा रहा है कि हाइड्रा मानव शरीर को संक्रमित कर सकता है और ये खुद कभी नहीं मरता।
क्या है दावे की सच्चाई?
ustoday.com के मुताबिक, एक्सपर्ट का कहना है कि ये दावा कि कोविड 19 वैक्सीन में हाइड्रा होता है। ये एकदम बकवास है। एक्सपर्ट कहते हैं कि पहली बात तो वैक्सीन में हाइड्रा नहीं होता और फिर दूसरी बात ये किसी भी तरह से मानव शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं होता। जॉन्स हॉपकिन्स, सेंटर फॉर हेल्थ सिक्योरिटी के एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ और वरिष्ठ विद्वान डॉ. अमेश अदलजा ने कहा, "यह एक फर्जी दावा है। "किसी भी COVID-19 टीके में मौजूद हाइड्रस का कोई सबूत नहीं है।"












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