kuki tribe: मणिपुर में कैसे और कहां से आई कुकी जनजाति, क्या है इनका धर्म, कैसा है रहन-सहन
kuki tribe: मणिपुर में 03 मई में मैतई समुदाय और कुकी समुदाय में जातिय हिंसाजारी है। इसी बीच एक के बाद कई कुकी महिलाओं पर यौन हमलों की खबर सामने आ रही है। इन सब के बीच कुकी जनजाति सुर्खियों में है।
आइए जानें कुकी जनजाति मणिपुर में कैसे और कहां से और कब आई। कुकी जनजाति का धर्म क्या है, इनका रहन-सहन क्या है। कुकी मंगोली नस्ल की एक आदिवासी जाति है।

कुकी जनजाति को चिन, जोमी, मिजो भी कहा जाता है। ये समुदाय भारत के उत्तरपूर्वी राज्यों, उत्तरी म्यांआर, बंगलादेश के चित्तग्राम पहाड़ियों के निवासी हैं। ये अरुणाचल प्रदेश को छोड़कर सभी उत्तरपूर्वी राज्यों में रहते हैं।
कुकी लोग मणिपुर, नागालैंड, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के साथ-साथ पड़ोसी देशों बांग्लादेश और म्यांमार में एक जातीय समूह हैं। अन्तरराष्ट्रीय सीमा पर ये जनजाति ब्रिटेन की औपनिवेशिक नीति की वजह से है। कुकी जनजातियों का प्रमुख भोजन मछली है।
"कुकी" शब्द का क्या मतलब है और कैसे पड़ा ये नाम
"कुकी" शब्द एक उपनाम है, जिसका उपयोग बंगालियों द्वारा भारत और बर्मा के बीच उत्तर-दक्षिण में फैली हिमालय की सबसे पूर्वी शाखा लुशाई पहाड़ियों में रहने वाली जनजातियों के लिए किया जाता है।
कुकी शब्द 1777 में ब्रिटिश द्वारा उपयोग में लाया गया, जब चटगांव के प्रमुख ने ब्रिटिश गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स से पहाड़ियों से कुकी छापे के खिलाफ मदद की अपील की थी।
जनजातियों के इसी समुदाय को बर्मीज "चिन्स" और ब्रिटिश "लुशाईज" कहते थे। मणिपुर के आंतरिक भाग में अन्य कुकी जनजातियों को आज भी "कुकिस" कहा जाता है।
मणिपुर में कैसे आई कुकी?
एथनोग्राफी C. A. Soppitt के मुताबिक मणिपुर और त्रिपुरा में बसने से पहले कुकी और लुशाई कम से कम 11वीं शताब्दी से इरावदी नदी के पश्चिम क्षेत्र में बसे होंगे।
हालांकि मणिपुर में कुकी के इतिहास की बात करें तो ब्रिटिश प्रशासकों की तरफ से नए कुकी कहे जाने वाले समूह 19वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध के दौरान मणिपुर क्षेत्र में चले गए
डब्ल्यू मैकुलॉ ने 1859 में प्रकाशित अपने लेख में और आर बी पेम्बर्टन ने 1835 में प्रकाशित ईस्टर्न फ्रंटियर पर अपनी रिपोर्ट में भी 19वीं सदी की शुरुआत में मणिपुर में कुकियों के बड़े पैमाने पर प्रवास का जिक्र किया है।
1877-88 की रिपोर्ट में बताया गया है कि लगभग 2000 सुक्ते आदिवासियों को मणिपुर के तत्कालीन महाराजा और राजनीतिक एजेंट, कर्नल जॉनस्टोन द्वारा मणिपुर घाटी के दक्षिण पश्चिम में मोइरांग के पास बसाया गया था। उस वक्त से लेकर आज तक कुकी समुदाय मणिपुर में रहते हैं।
क्या है कुकी समुदाय का धर्म
कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ये समुदाय एसटी वर्ग में आता है। कुकी लोग 'उथेन' नामक देवता की पूजा करते हैं। कुकी लोगों के इतिहास में मिशनरियों का आगमन और उनके बीच ईसाई धर्म का प्रसार एक मील का पत्थर साबित हुआ।












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