लोकसभा चुनाव 2019: चौथे चरण में उत्तर प्रदेश में किसका पलड़ा भारी?
नई दिल्ली। यूपी में चौथे चरण में बीजेपी 13 में से 8 सीटें गंवा सकती है जबकि 5 सीटें वह जीतती दिख रही है। 2014 के मुकाबले देखें तो उसे 7 सीटों का नुकसान हो सकता है। यह बात डबल इंजन थ्योरी के आईने में साफ हो रही है। डबल इंजन थ्योरी में वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी या कमी के हिसाब से सत्ताधारी दल की जीत या हार का आकलन किया जाता है। उत्तर प्रदेश में चौथे चरण में 13 सीटों पर 57.58 फीसदी वोटिंग हुई। 2014 के मुकाबले 0.81 फीसदी वोट अधिक पड़े। मगर हर सीट पर क्या स्थिति रही। किस सीट पर वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई और किस सीट पर कमी। कितनी बढ़ोतरी हुई या कितनी कमी आयी, इन बातों को समझते हुए डबल इंजन थ्योरी जीत-हार का आकलन करती है।

कौन बना रहा चौथे चरण में बढ़त
डबल इंजन थ्योरी उन राज्यों में लागू होती है जहां डबल इंजन वाली सरकारें हैं यानी केंद्र के साथ-साथ राज्य में भी एक पार्टी की सरकार। उत्तर प्रदेश ऐसी ही डबल इंजन वाली सरकार है जहां यह थ्योरी लागू होती है। इसके मुताबिक सत्ताधारी पार्टी की जीत तय हो जाती है अगर किसी सीट पर 1% या उससे अधिक मतदान प्रतिशत बढ़ जाता है। 0.5 फीसदी से अधिक और 1 फीसदी से कम मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हो तो कांटे के मुकाबले में सत्ताधारी दल की जीत तय रहती है। 0.5 फीसदी से कम मतदान होने पर, मतदान में कोई फर्क नहीं आने पर या फिर मतदान घट जाने पर क्रमश: सत्ताधारी दल की हार पक्की और पक्की होती चली जाती है।
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चौथे चरण में 13 सीटों पर हुई थी वोटिंग
उत्तर प्रदेश में जिन 13 सीटों पर वोट डाले गये हैं उनमें 5 सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी को 2014 के मुकाबले अधिक वोट मिले हैं। वोटों में सबसे अधिक बढ़ोतरी हमीरपुर में 4.65 फीसदी और सबसे कम बढ़ोतरी हरदोई में 0.75 फीसदी है। डबल इंजन थ्योरी के हिसाब से हमीरपुर में बीजेपी को आसान जीत मिलती दिख रही है तो हरदोई में कांटे के संघर्ष में बीजेपी को जीत मिलने जा रही है। इन सभी पांच सीटों पर बीजेपी की जीत हो सकती है। ये हैं- हमीरपुर, उन्नाव, इटावा, अकबरपुर और हरदोई। आइए विस्तार से टेबल के जरिए जानते हैं कि कैसे इन पांच सीटों पर बीजेपी की जीत पक्की हो सकती है।

डबल इंजन थ्योरी: UP की इन 5 सीटों पर पक्की है BJP की जीत
सीट----2014----2019----अंतर
हमीरपुर----56.26%----60.91%----4.65%
उन्नाव----55.52%----59.33%----3.81%
इटावा----55.05%----56.46%----1.41%
अकबरपुर--54.92%---55.80%---0.88%
हरदोई----56.74%----57.49%---- 0.75%

डबल इंजन थ्योरी-UP की ये 8 सीटें हार रही है BJP
अब नज़र डालते हैं उन सीटों पर जहां वोटों के प्रतिशत में 2014 के मुकाबले गिरावट आयी है। ये गिरावट अधिकतम 6.24 फीसदी और न्यूनतम 0.74 फीसदी की है। डबल इंजन थ्योरी के हिसाब से इन सीटों पर बीजेपी निश्चित रूप से हार रही है। ऐसी सीटों की संख्या है 8. इनमें शामिल हैं शाहजहांपुर, झांसी, जालौन, कन्नौज, मिसरिख, खीरी, फर्रूखाबाद और कानपुर आइए अब विस्तार से उन सीटों के बारे में जानते हैं जहां वोटों का प्रतिशत 2014 के मुकाबले गिरा है।
सीट-----2014-----2019-----अंतर
शाहजहांपुर-----57.11-----50. 87 ----- (-6.24)
झांसी-----68.36-----63 -----(-5.36)
जालौन-----58.77-----56.58-----(-2.19)
कन्नौज-----61.61-----59.48----(-2.13)
मिसरिख-----57.85-----56.20-----(-1.65)
खीरी-----64.17-----63-----(-1.17)
फर्रुखाबाद-----60.15-----59.37-----(-0.78)
कानपुर-----51.83-----51.09-----(-0.74)

बीजेपी 5-8 से पिछड़ती दिख रही
सवाल ये है कि बीजेपी के जिन सीटों पर हार की आशंका है,वहां जीत कौन रहा है। अगर कानपुर और फर्रूखाबाद जैसी सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला रहता है तो डबल इंजन थ्योरी सटीक नहीं रह जाती है। डबल इंजन थ्योरी आमने-सामने के मुकाबले में सटीक है। चूकि 2019 के आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में मुकाबला बीजेपी बनाम महागठबंधन है इसलिए हम यह मान कर चलते हैं कि इन सीटों पर महागठबंधन को जीत मिलने वाली है। एक-दो सीटें त्रिकोणीय संघर्ष के कारण अपवाद हो सकती हैं और उन सीटों पर बीजेपी भी बाजी मार ले जा सकती है। फिर भी मोटे तौर पर देखा जाए तो यूपी में चौथे चरण की 13 सीटों में बीजेपी 5-8 से पिछड़ती दिख रही है।












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