जब पर्याप्त आपूर्ति नहीं, तो कैसे होगा पूरा होगा जुलाई से प्रतिदिन 1 करोड़ डोज देने का लक्ष्य
कोरोना की तीसरी लहर के प्रभाव को कम करने के लिए भारत सरकार ने जुलाई से प्रतिदिन 1 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य रखा था।
नई दिल्ली, 28 जून। पूरी दुनिया इस समय कोरोना महामारी का सामना कर रही है। कोरोना का डेल्टा वेरिएंट पूरी दुनिया में तांडव मचा रहा है। वहीं, विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर की भी चेतावनी जारी कर दी है। कोरोना की तीसरी लहर के प्रभाव को कम करने के लिए भारत सरकार ने जुलाई से प्रतिदिन 1 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जुलाई के लिए कोविड वैक्सीन आपूर्ति पर सरकार के नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि दैनिक टीकाकरण अपने तय लक्ष्यों से कम हो सकता है।

इस मात्रा में वैक्सीन आपूर्ति का मतलब है कि इससे प्रतिदिन 40 लाख से भी कम लोगों का टीकाकरण हो पाएगा, जो कि सरकार द्वारा तय किए गए दैनिक 1 करोड़ लोगों के टीकाकरण से काफी कम है। केंद्र का बयान देश में कोविड की तीसरी लहर से बचने के लिए टीके के लक्ष्यों को पूरा करने पर सवाल उठाता है।
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बता दें कि जून में देश में टीकाकरण की दरों में तेजी देखी गई थी। 1 जून से 27 जून के बीच 10.8 करोड़ खुराक दी गई, यानि कि प्रतिदिन 40 लाख डोज दी गईं। हो सकता है कि अगले महीने टीकाकरण की रफ्तार में कोई खास तेजी न आए। वहीं, 22 जून से 26 जून के बीच भारत में प्रतिदिन 54 से 65 लाख लोगों का टीकाकरण किया गया। जो कि जुलाई में एक दिन में 40 लाख लोगों के अनुमानित टीकाकरण से अधिक है।
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन की 135 करोड़ डोज उपलब्ध हो जाएंगी, जोकि पिछले महीने स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा लगाए गए अनुमान से काफी कम है। इन 135 करोड़ वैक्सीन में रूस की स्पूतनिक वी, बायो ई सब यूनिट और जॉयडस कैंडिला की डीएनए वैक्सीन शामिल होंगी। हालांकि इनमें से अंतिम दो वैक्सीन को अभी मंजूरी मिलना बाकी है। पिछले महीने एक प्रजेंटेशन में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि साल के अंत तक 216 करोड़ वैक्सीन उपलब्ध होंगी।












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