लोकसभा-राज्यसभा से निलंबित किए जानें का क्या है नियम, क्या रद्द किया जा सकता है?
24 जुलाई सोमवार को आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को राज्यसभा से पूरे मानसून सत्र के निलंबित कर दिया है। संजय सिंह को सदन में उनके द्वारा किए गए बुरे बर्ताव के कारण और हंगामा किए जाने के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित होने पर निलंबित किया है।
हालांकि इससे पहले भी कई बार सांसदों का सत्र से निलंबन हो चुका है। आइए जानते हैं सांसदों को कौन और किस आधार पर सदन से निलंबित कर सकता है?

जानें सांसदों को कौन कर सकता है निलंबित
लोकसभा और राज्यसभा के सभापति जो पीठासीन अधिकारी होते हैं। पीाठसीन अधिकारी की जिम्मेदारी सदन में शांति बनाए रखने की होताी है ताकि सदन का संचालन बिना व्यवधान के चल सके। दोनों सदनों के अध्यक्ष या सभापति के पास ये अधिकार होता है कि वो सदन की कार्यवाही बाधित करने या हंगामा करने वाले सदस्य को सदन छोड़ने का आदेश दे सकता है।
संसद से सांसद के निलंबन का नियम क्या है?
नियम 373
यदि कोई सदस्य बुरा बर्ताव करता हैं तो अध्यक्ष उसे तुरंत सदन छोड़ने का आदेश दे सकते है।
आदेश मिलते ही उन्हें बिना बहस के बाहर चले जाना चाहिए और बाकी सदन की कार्यवाही के दौरान वापस नहीं आना चाहिए।
नियम 374 A
सदन के नियमों का घोर उल्लंघन या किसी गंभीर आरोप के बाद अध्यक्ष उन्हें नामित करते ही सदन से स्वयं का लगातार पांच मीटिंग या सत्र जो भी हो उसके लिए सदन की सेवा से निलंबित किया जाता है।
नियम 255 राज्यसभा
इसमें पीठासीन अधिकारी राज्यसभा से सांसद को सत्र से निलंबित कर सकता है।
नियम 256 राज्यसभा के लिए
सभापति सांसद को सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर सकते हैं। आप सांसद संजय सिंह को इस नियम 256 के तहत निलंबन किया गया है।
जानें निलंबन के बाद क्या होती हैं बंदिशे
निलंबित सांसद चैंबर में प्रवेश नहीं कर सकता और समिति की बैठकों में निलंबन का समय पूरा होने तक सहभागिता नहीं कर सकता है। वो प्रस्तुतिकरण के लिए नोटिस तक देने का हकदार नहीं होता है। निलंबन के साथ ही वो सत्र में अनने सवालों का जवाब पाने का अधिकार गवां देता है।
सांसद का निलंबिन कैसे होता है खत्म?
अध्यक्ष किसी सांसद को निलंबित करने का तो अधिकार देता है लेकिन आदेश को खत्म करने का अधिकार उमसें शामिल है। हालांकि सदन चाहे तो सांसद के निलंबन को रद्द करने के प्रस्ताव पर निर्णय देकर निलंबन खत्म कर सकता है।
जानिए कब-कब निलंबित हुए सांसद
- 1989 में 63 लोकसभा सदस्यों को निलंबित किया गया था, जिन्होंने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या की जांच करने वाली ठक्कर आयोग की रिपोर्ट का विरोध किया था
- 2010 में महिला आरक्षण विधेयक पर बुरे बर्ताव के आरोप में 7 राज्यसभा सदस्य
- 2012 में यूपीए सरकार में तेलंगाना मुद्दे पर हंगामा हुआ था और 8 लोकसभा सांसद निलंबित किए गए थे।
- 2013 में तेलंगाना के गठन का विरोध करते समय हंगामा करने वाले 12 लोकसभा सांसदों को निलंबित किया गया था।
- 2014 में 18 लोकसभा सांसदों को निलंबित किया गया था।
- 2015 में 25 लोकसभा सांसदों का निलंबन
- 2019 में 45 लोकसभ सांदसों को दो दिनों के लिए निलंबित किया था क्योंकि उन्हें सदन की तत्कालीन सदस्य सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्रवाई बाधित करने के लिए निलंबित किया था।
- 2020 में आठ राज्यसभा सांसदों का निलंबन किया गया था।
- 2021 में आठ सांसदों को सदन में बुरे बर्ताव के कारए निलंबित किया था।
- 2022 में लोकसभा से 22 और राज्यसभा से चार सदस्यों को निलंबित किया गया था। पिछले मानसून सत्र में सदन में हिंसक बर्ताव करने के आरोप में श इन्हें शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित किया गया था।भाजपा चाहती थी कि विपक्ष 'अविश्वास प्रस्ताव' पेश करे, क्योंभाजपा चाहती थी कि विपक्ष 'अविश्वास प्रस्ताव' पेश करे, जानें क्यों












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