Ulhasnagar Viral Video: 'महिलाओं को पीटा, अर्धनग्न कर पहनाई चप्पलों की माला', दबंगों ने पार की हदें, केस दर्ज
Ulhasnagar Viral Video: मुंबई से सटे उल्हासनगर में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, यहां पर मंदिर प्रवेश के विवाद को लेकर महिलाओं को पीटा गया, निर्वस्त्र किया गया, उनके बाल काटे गए और चप्पलों की माला पहनाकर सड़कों पर सरेआम घुमाया गया है, जिसका वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उल्हासनगर के विट्ठल वाडी इलाके में एक ही समुदाय के दो परिवारों के बीच मंदिर में प्रवेश को लेकर इस कदर झगड़ा बढ़ गया कि उन लोगों ने बर्बरता की हद पार कर दी। उन्होंने बदला लेने के लिए महिलाओं को पीटा और उन्हें सरेआम अपमानित किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस एक्शन में आई और उसने इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और दो लोग अरेस्ट भी हुए हैं।

मीडिया को इस बारे में बताते हुए उल्हासनगर के ACP शैलेश काले ने कहा कि 'यह मामला वाघरी नगर इलाके का है, जिसमें सात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है, जिनमें से दो को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। यह विवाद एक ही समुदाय के दो परिवारों के बीच मंदिर में प्रवेश को लेकर हुए झगड़े से शुरू हुआ था। इस विवाद में शामिल दोनों परिवारों के सदस्यों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।'
क्या है पूरा मामला?
इंडिया टूडे की खबर के मुताबिक एक स्थानीय जाति पंचायत ने पहले एक राजपूत परिवार को मंदिर में प्रवेश करने से रोकने का फैसला सुनाया था, हालांकि परिवार ने पंचायत के इस फैसले को मानने से मना कर दिया। घटना वाले दिन, मंदिर परिसर में एक सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था। पीड़ित परिवार के एक युवक ने इस रोक पर आपत्ति जताई और कथित तौर पर कहा कि उसके परिवार ने कुछ भी गलत नहीं किया है, इसलिए उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से नहीं रोका जाना चाहिए। इसके बाद वह मंदिर परिसर में घुस गया,जिससे वहां मौजूद एक विशेष समुदाय के कुछ सदस्य नाराज हो गए।
हमलावरों ने कथित तौर पर महिलाओं को निशाना बनाया
उन लोगों ने उस युवक के घरवालों पर लाठियों और रॉड से हमला किया। हमलावरों ने कथित तौर पर महिलाओं को निशाना बनाया और उन्हें धमकी दी कि अगर वे पुलिस के पास गईं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। लेकिन जब युवक के घरवालों ने हमलावरों की बात जाने से इंकार किया तो वो सभी हैवानियत पर उतर आए, उन्होंने पीड़ित के परिवार की सभी महिलाओं को पहले सड़क पर घसीटा, उनके कपड़े फाड़े, उन्हें अर्धनग्न किया और कैंची से उनके बाल काट दिए। इसके बाद, हमलावरों ने कथित तौर पर उनके गले में चप्पलों की मालाएं डाल दीं और उन्हें लगभग दो किलोमीटर तक सड़क पर उन्हें घुमाया।
सड़क पर इंसानियत शर्मसार, वीडियो बनाते रहे लोग
इस दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर कई लोगों को ज़बरदस्ती उन महिलाओं के पैर छूने के लिए भी मजबूर किया। जिस वक्त सड़क पर हैवानियत का ये नंगा नाच खेला जा रहा था, उस वक्त एक भी व्यक्ति महिलाओं की मदद को सामने नहीं आया बल्कि सबलोग वीडियो बनाते रहे, हालांकि किसी ने ये सब रिकार्ड करके सोशल मीडिया पर डाल दिया जिसके वायरल होने पर पुलिस ने एक्शन लिया,पुलिस ने बताया कि पीड़ित और आरोपी, दोनों ही परिवार एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
पीड़ित परिवार को मंदिर में जाने से रोका गया था
रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित परिवार पर कुछ आरोप लगे थे, जिसके बाद कथित तौर पर उस परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया गया था और पंचायत ने इन सभी को मंदिर में ना जाने का फैसला सुनाया था, अब किन कारणों से पीड़ित की फैमिली को मंदिर जाने से रोका गया था, ये कारण अभी साफ नहीं है।
पीड़ित परिवार ने लगाए पुलिस पर आरोप
पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने शुरू में इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कई घंटों बाद जाकर केस दर्ज किया। घटना में महिलाओं की गरिमा और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होने के बावजूद पुलिस ने हल्की धाराएं लगाईं। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
दो महिलाएं गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
मालूम हो कि सेंट्रल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत ज्यूली वाघरी, विनू वाघरी, पप्पी वाघरी, नितिन थोरात, रोहित वाघरी, सोनू उर्फ बालू वाघरी, महेश वाघरी और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले के सिलसिले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी और कई अन्य लोग अभी भी फरार हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इसे अनावश्यक रूप से शेयर न करें और शांति बनाए रखें।













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