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भाजपा चाहती थी कि विपक्ष 'अविश्वास प्रस्ताव' पेश करे, जानें क्‍यों

विपक्षी दलों ने बुधवार को मोदी सरकार के खिलाफ 'अविश्वास प्रस्ताव' पेश किया है। जबकि विपक्षी पार्टियों को अच्‍छे से पता है कि वो बहुमत की संख्‍या के मामले में वो कमजोर है।

वहीं देखा जाए तो जैसे केंद्र सरकार की मन की मुराद पूरी हुई है क्‍योंकि भाजपा शुरूआत से चाहती थी कि उसके खिलाफ विपक्ष 2018 की तरह अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाए। आइए जानते हैं आखिर ऐसा क्‍यों?

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पिछली बार भी बुरी तरह से हारा था विपक्ष

याद दिला दें ऐसे ही 2019 में प्रधानमंत्री के खिलाफ पहला अविश्‍वासन प्रस्‍ताव पेश किया गया था तब भी विपक्षी दल 325-126 वोटों बुरी तरह हारा था। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पक्ष में सदन का इस्तेमाल किया और विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कई व्‍यंग्‍य भी किए थे। जिसका नजीता 2019 में मोदी सरकार के पक्ष में आया और लोकसभा चुनाव में भाजपा को में बंपर जीत मिली।

संसद पटल से ही मोदी ने शुरू कर दिया था चुनावी अभियान

याद रहे ये वो समय था जब 2019 के लोकसभा चुनावों पर हर किसी की नजर टीवी स्‍क्रीन पर चिपकी हुई थी तब पीएम मोदी को अवश्विवास प्रस्‍ताव के समय अपने देश के लिए किए गए कल्याणकारी उपायों को एक-एक के जनता के सामने पेश करने को बेहतरीन मौका मिला था। एक तरह से उन्होंने सदन के पटल से ही अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की शुरूआत कर थी। वहीं इस बार भी इस मौके का पीएम मोदी भरपूर लाभ उठा सकते हैं।

प्रस्‍ताव पेश करते ही मोदी का वायरल हुआ ये पुराना वीडियो

बता दें स्‍पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और इसके लिए समय देने का आश्‍वासन दिया है। बुधवार को विपक्ष द्वारा प्रस्‍ताव पेश किए जाते ही पीएम मोदी का 2019 का एक भाषण वायरल होने लगा है। पीएम मोदी का ये एक पुराना वीडियो ट्विटर पर छाया हुआ है, ये पीएम सरकार के पहले कार्यकाल के पूरे होने के समय का है।

पीएम मोदी ने 202 3 के लिए की थी ये भविष्‍यवाणी

2019 में संसद के इस वीडियो में पीएम मोदी की एक टिप्पणी वायरल हो गई, सत्तारूढ़ भाजपा के कई लोगों ने इसे उनकी "भविष्यवाणी" बताया। दरअसलल बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के भाषण पर बहस के 7 फरवरी 2019 के एक वीडियो में पीएम मोदी ये कहते हुए सुनाई दे रहे है कि विपक्ष को 2023 में एक और अविश्वास प्रस्ताव के लिए तैयार रहना चाहिए।

पीएम मोदी की सदन में ताकत

बात दें सदन में बहुमत नहीं है इसलिए हर हाल में अविश्‍वास प्रस्‍ताव फेल हो जाएगा ये जानने के बावजूद विपक्ष ने ये प्रस्‍ताव पेश किया है। लोकसभा में अगर मोदी सरकार की ताकत की बात की जाए तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास अकेले 301 सांसद हैं। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की कुल संख्या बात करें तो 330 के आंकड़े को पार कर जाता है।

एनडीए से बाहर की ये पार्टियां कर सकती हैं पीए मोदी को सपोर्ट

बता दें 543 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 272 है। इसलिए भाजपा पूर्ण रूप से सुरक्षित है। इसके अलावा जो भाजपा के खिलाफ 26 विपक्षी दलों का INDIA नाम का गठबंधन तैयार हुआ है उसमें जो पार्टियां शामिल नहीं हैं वो अविश्‍वास प्रस्‍ताव के दौरान वोटिंग के दौरान या तो अनुप‍िस्थित हो सकते हैं और या तो मोदी सरकार के समर्थन में वोट कर सकते हैं। ऐसे में मोदी सरकार की राह और आसान हो जाएगी।

बता दें विपक्षी दलों के INDIA गुट में जो पार्टियां नहीं शामिल हैं उनमें युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) या बीजू जनता दल (BJD) शामिल है।

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