UP में रीलबाज पुलिसकर्मियों की अब खैर नहीं, वर्दी में ठुमके लगाए तो नपेंगे, DGP के आदेश पर मुख्यालय सख्त!
UP Police Social Media Policy: उत्तर प्रदेश पुलिस में 'रील्स कल्चर' और सोशल मीडिया पर वर्दी की गरिमा को ताक पर रखने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुख्यालय ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस मुख्यालय ने 15 मई 2026 को एक नया और बेहद कड़ा आदेश जारी किया है। आइए जानते हैं विभाग की ओर से जारी इस नए फरमान में क्या सख्त निर्देश दिए गए हैं।
एडीजी कानून-व्यवस्था (ADG Law and Order) अमिताभ यश द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए 'सोशल मीडिया पॉलिसी-2023' पहले से लागू है। इसके बावजूद यह देखा जा रहा है कि कई सेवारत और प्रशिक्षु (Trainee) पुलिसकर्मी लगातार इस पॉलिसी की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक रील और कंटेंट पोस्ट किया जा रहा है, जिससे न केवल पुलिस की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि सरकारी कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।

विभागीय कार्रवाई के निर्देश (UP Police Social Media Policy)
नए आदेश के मुताबिक, अब सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय अध्यक्षों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने अधीनस्थ जनपदों और इकाइयों में ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान करें जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि रील बनाने वाले या आपत्तिजनक सामग्री डालने वाले कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध तत्काल आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब सिर्फ चेतावनी से काम नहीं चलेगा, बल्कि कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

URL और स्क्रीनशॉट रखना अनिवार्य
पुलिस मुख्यालय ने तकनीकी स्तर पर भी तैयारी पुख्ता कर ली है। अब प्रत्येक माह एक निर्धारित प्रोफ़ॉर्म के अनुसार रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें सोशल मीडिया पॉलिसी तोड़ने वाले पुलिसकर्मी के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी होगी। साथ ही, साक्ष्य के रूप में उस आपत्तिजनक पोस्ट का स्क्रीनशॉट और उसका URL भी सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि विभागीय जांच के दौरान आरोपी कर्मी मुकर न सके।
DGP की मंजूरी के बाद एक्शन मोड में पुलिस
यह कड़ा आदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) उत्तर प्रदेश के अनुमोदन के उपरांत जारी किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब वर्दी पहनकर ठुमके लगाने, रील बनाने या विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। एडीजी अमिताभ यश के इस आदेश के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अब हर हरकत पर मुख्यालय की सीधी नजर है।














Click it and Unblock the Notifications