Delmicron क्या है, अमेरिका और यूरोप के ओमिक्रॉन संकट के बाद भारत को कितना है खतरा ?
मुंबई, 24 दिसंबर: ओमिक्रॉन वायरस का संक्रमण भारत में भी काफी तेजी से बढ़ने लगा है। कोविड संबंधी पाबंदियां फिर से वापस होनी शुरू हो गई हैं। सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में भी नाइट कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चुनाव टालने तक को विचार करने के लिए कहा है। लेकिन, ओमिक्रॉन के बारे में अभी तक जितनी कम जानकारी लोगों के पास थी, उसके बीच में ही एक नया शब्द 'डेलमीक्रॉन' चर्चा में आ गया है। कुछ एक्सपर्ट मान रहे हैं कि अभी यूरोप और अमेरिका में जो ओमिक्रॉन की वजह से हाय-तौबा मचा है, उसके पीछे 'डेलमीक्रॉन' का ही हाथ है।

यूरोप-अमेरिका में बढ़ते मामलों के पीछे 'डेलमीक्रॉन'!
ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से अमेरिका और यूरोप के देशों में कोरोना का संक्रमण बहुत भयावह रूप से बढ़ता जा रहा है। भारत में भी इसने रफ्तार पकड़ ली है और इसका आंकड़ा शुक्रवार सुबह तक 355 को पार कर चुका है। लेकिन, ओमिक्रॉन के संक्रमण की भयानक रफ्तार के बीच 'डेलमीक्रॉन' नाम का एक शब्द इस चिंता को और बढ़ाने लगा है। महाराष्ट्र में कोविड-19 टास्क फोर्स के एक सदस्य का मानना है कि पश्चिम के देशों में संक्रमण की रफ्तार के पीछे कोरोना वायरस के डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों वेरिएंट के जुड़वां स्पाइक हो सकते हैं। डॉक्टर शशांक जोशी ने टीओआई से कहा है, 'डेल्टा और ओमिक्रॉन की जुड़वां स्पाइक डेलमीक्रॉन के चलते यूरोप और अमेरिका में मामलों की एक छोटी सुनामी आई है।' कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का सबसे पहले पता पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका में चला था और विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक अबतक यह 89 देशों तक पहुंच चुका है।

डेलमीक्रॉन क्या है ?
एक्सपर्ट डेलमीक्रॉन को कोरोना का नया वेरिएंट नहीं, बल्कि डेल्टा और ओमिक्रॉन स्ट्रेन का जोड़ मान रहे हैं, जिसके चलते यूरोप और अमेरिका में संक्रमण के मामले बेतहाशा बढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टरों का कहना है कि कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों, बुजुर्गों और पहले से रोगग्रस लोगों को एकसाथ डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों वेरिएंट से संक्रमित होने का खतरा है। इनके अनुसार जिस इलाके में वैक्सिनेशन में कमी है, वहां भी ज्यादा जोखिम है। क्या इन दोनों अलग-अलग वेरिएंट की वजह से भविष्य में कोई सुपर वेरिएंट पैदा हो सकता है? इसपर मॉडर्ना के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर पॉल बरटॉन ने कहा है कि यह संभव है कि दोनों स्ट्रेन मिलकर जीन की अदला-बदली कर लें और ज्यादा भयानक वेरिएंट पैदा हो जाए। डेली मेल से उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के कुछ उदाहरण भी दिए हैं। दूसरे शोधकर्ताओं ने भी इस तरह की संभावना से इनकार नहीं किया है।

क्या भारत में भी है डेलमीक्रॉन का खतरा ?
भारत में शुक्रवार सुबह तक ओमिक्रॉन के मामले 355 की संख्या को पार कर चुके हैं, जिसके बहुत ही ज्यादा संक्रामक होने की पुष्टि की जा चुकी है। लेकिन, देश में आमतौर पर अभी भी डेल्टा वेरिएंट के संक्रमण की ही बहुतायत है। महाराष्ट्र कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉक्टर जोशी ने कहा है कि 'वर्तमान में भारत में डेल्टा से उत्पन्न, डेल्टा के वंशज ही मुख्य वेरिएंट के तौर पर प्रसार में हैं। दुनिया के दूसरे हिस्सों में ओमिक्रॉन तेजी से डेल्टा की जगह लेता जा रहा है, लेकिन इसका अनुमान लगाने का कोई रास्ता नहीं है कि डेल्टा डेरिवेटिव्स और ओमिक्रॉन किस प्रकार बर्ताव करेंगे। '

अमेरिका-यूपी में ओमिक्रॉन की स्थिति
अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन या अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) या भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के नेशनल कोविड टास्क फोर्स ने डेलीमीक्रॉन जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। आंकड़े बताते हैं कि इस समय अमेरिका में ओमिक्रॉन वेरिएंट का संक्रमण कोविड के कुल मामलों में 73 फीसदी तक पहुंच चुका है, जबकि इस महीने की शुरुआत में वहां सिर्फ इसके 1 फीसदी से भी कम केस थे। सीडीसी के मुताबिक पिछले महीने तक अमेरिका में 99.5 फीसदी तक कोविड-19 के संक्रमण डेल्टा वेरिएंट की वजह से थे। उधर यूनाइटेड किंगडम में बुधवार को पहली बार कोविड संक्रमण का आंकड़ा 1,00,000 के आंकड़े को पार कर गया। हालांकि, अभी तक ओमिक्रॉन को लेकर जितने भी शोध हुए हैं, उसमें यही कहा जा रहा है कि फिलहाल इसके कोरोना वायरस के दूसरे वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा गंभीर होने की आशंका नहीं है।












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