शादी की उम्र 18 से 21 करने को लेकर क्या सोचती हैं छात्राएं ? जामिया की VC को सर्वे में मिले चौंकाने वाले नतीजे
नई दिल्ली, 21 दिसंबर: लड़कियों की विवाह की आयु 18 साल से बढ़ाकर 21 साल किए जाने का प्रस्ताव है। इसको लेकर विपक्ष समेत कई महिला संगठन और मुस्लिम समूह भी आपत्ति जता रहे हैं। तरह-तरह की दलीलें दी जा रही हैं। अभी तक यह बात सामने नहीं आ पा रही थी कि आखिर जिनके लिए यह बदलाव किया जा रहा है, यानी लड़कियों की इसको लेकर क्या राय है? वह शादी की उम्र बढ़ाए जाने को लेकर क्या सोचती हैं? देश के 16 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की छात्र-छात्राओं का इसपर एक विस्तृत सर्वे किया गया है। ज्यादातर छात्र-छात्राएं इस प्रस्ताव के समर्थन में हैं और अगर सिर्फ लड़कियों की बात करें तो वह तो इसका खुलकर समर्थन कर रही हैं।

70% से अधिक स्टूडेंट शादी की उम्र बढ़ाने के समर्थन में
देश में लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से बढ़ाकर 21 साल करने के प्रस्ताव को लेकर देश के 16 विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के बीच एक बहुत बड़ा सर्वे किया गया है। इसके जो परिणाम आए हैं, वह चौंकाने वाले हैं। आप जानकर हैरान होंगे कि सर्वे में शामिल 70% से अधिक छात्र-छात्राएं जया-जेटली की अगुवाई वाले 10 सदस्यीय सेंट्रल पैनल की सोच के समर्थन में हैं और वह लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 साल करने के पक्ष में हैं। इससे भी ज्यादा चौंकने वाली बात ये है कि 67% स्टूडेंट मानते हैं कि शादी की आदर्श उम्र 26 से लेकर 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

सर्वे में 52% लड़कियां शामिल
जया जेटली की अगुवाई वाले पैनल ने जो सुझाव दिए हैं, उसको लेकर युवा छात्राओं की सोच को उनकी जुबान से सुनने के लिए ही यह सर्वे किया गया है। यह जानने का प्रयास किया गया है कि उनके हिसाब से शादी की सही और कानून उम्र क्या होनी चाहिए। इसके लेकर दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया की वाइस चांसलर नजमा अख्तर ने 16 यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट के बीच में एक विस्तृत प्रश्नावली बंटवाया था। अख्तर भी उस केंद्रीय पैनल की एक सदस्य हैं। इस सर्वे में लगभग 2,300 छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया, जिसमें 52% महिलाएं हैं।

67% 26 से 30 वर्ष की आयु में शादी के पक्षधर
इस सर्वे का दायरा बड़ा रखने के लिए इसमें सभी तरह के सामाजिक-आर्थिक वर्ग के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है। इनमें 37% लोअर मिडिल क्लास (70,000 रुपये से 2,70,000 रुपये वार्षिक आय), 35% अपर मिडिल क्लास (2,70,001 रुपये से 8,45,000 रुपये सालाना) और बाकी इससे ज्यादा आय वर्ग वाले स्टूडेंट शामिल किए गए हैं। इन छात्र-छात्राओं से यह सवाल पूछने पर कि वह कितनी उम्र में शादी करना चाहेंगे तो इनमें से 67% 26 से 30 वर्ष की आयु में शादी करने को इच्छुक हैं। 20% ऐसे हैं जो 21 से 25 साल के बीच शादी करना चाहते हैं और 12% तो 30 साल की उम्र के बाद ही इसका इरादा रखते हैं।

'लड़कियों के कल्याण के नजरिए से प्रस्ताव'
गौरतलब है कि जब केंद्रीय कैबिनेट ने लड़कियों की शादी की कानूनी अवस्था 18 साल से 21 साल करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई तो कई विपक्षी पार्टियों, महिला संगठनों और मुस्लिम समूहों ने इसके खिलाफ आवाज उठाना शुरू कर दिया। वैसे सरकार और एक्सपर्ट पैनल दोनों ही इसका कारण महिला कल्याण और सशक्तिकरण बता रहे हैं। कमिटी के एक सदस्य ने नाम नहीं बताने की शर्त पर ईटी से कहा है, 'इस मुद्दे को किसी खास समुदाय से जोड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। यह धर्म को लेकर तटस्थ है। इस मसले को लड़कियों के कल्याण के नजरिए से देखा गया है, लड़कियों के परिवार वालों के हिसाब से नहीं।'

80% छात्राएं शादी की उम्र बढ़ाने के समर्थन में हैं
इस सर्वे का सबसे चौंकाने वाला नतीजा ये है कि लड़कों से ज्यादा लड़कियां अपनी शादी की उम्र बढ़ाए जाने के प्रस्ताव के समर्थन में हैं। मसलन, अगर कुल 70.3% छात्र-छात्राओं ने शादी की कानून आयु बढ़ाने का समर्थन किया है, तो इसमें अगर सिर्फ लड़कियों की बात करें तो उनकी संख्या 80% है; और पुरुष छात्रों की तादाद 60% है। यही नहीं 24% ऐसे पुरुष छात्र भी मिले हैं, जिनका मानना है कि लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। (तस्वीरें- प्रतीकात्मक)












Click it and Unblock the Notifications