शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के परिवार से मिलकर राहुल गांधी ने क्या बात की थी? अब खुद पिता ने सामने आकर बताया
Martyr Anshuman Singh Parents: भारतीय सेना के शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह का परिवार इन दिनों चर्चाओं में है। पारिवारिक कलह की खबरों के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी सुर्खियों में हैं। जब से राहुल गांधी ने शहीद के माता-पिता से मुलाकात की है, सोशल मीडिया पर पूरा माहौल बदल गया है।
5 जुलाई को अंशुमान को मरणोपरांत भारत के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। अंशुमान की मां मंजू और पत्नी स्मृति सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया था। इसके बाद राहुल गांधी 9 जुलाई को अंशुमान सिंह के माता-पिता से मिले थे।

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शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के परिवार वाले मसले में राहुल गांधी क्यों आए चर्चा में?
मुलाकात के बाद कैप्टन अंशुमान सिंह की मां मंजू देवी और पिता रवि प्रताप सिंह ने अग्निपथ योजना के खिलाफ बोलते हुए सरकार से सेना को दो श्रेणियों में न बांटने का आग्रह किया। वहीं इनके परिवार ने मीडिया में आकर बहू स्मृति सिंह पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वो कीर्ति चक्र और बेटे की सारी यादें अपने साथ ले गई और अपना पता भी बदल लिया। पिता ने एनओके (निकटतम परिजन) मानदंड में संशोधन पर भी जोर दिया।
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यूपी स्थित देवरिया जिले के रहने वाले शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की पत्नी स्मृति और ससुरालवालों के बीच की कलह के सामने के बाद राहुल गांधी सोशल मीडिया पर ट्रोल होने लगे। कईयों ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि राहुल गांधी अंशुमान के परिवार में फूट डलवा दी है। अब इसके बाद अंशुमान के पिता रवि प्रताप सिंह ने सामने आकर बताया है कि राहुल गांधी से उनकी क्या बात हुई है?

राहुल गांधी ने शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता से मिलकर क्या बात की थी?
राहुल गांधी की मुलाकात को लेकर शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता रवि प्रताप सिंह ने कहा,
''राहुल गांधी से जब मैं मिलना तो, वो पहले जैसे टीवी पर दिखते थे और उनका जो नैरिटिव था, वो उससे बिल्कुल अलग थे। वो एक सुलझे हुए इंसान, मझे हुए नेता और उच्चकोटी के देश के नागरिक हैं। उन्होंने मेरे से बात करते हुए मेरे शहीद बेटे पर ज्यादा फोकस किया , उन्होंने मुझसे बेटे के जाने के बाद के हालात, मेरी पत्नी और तबीयत के बारे में पूछा। उन्होंने बहुत मार्मिक अंदाज में कहा कि, आपके साथ पूरा देश, सेना और सरकार और हम आपके साथ खड़े हैं। उन्होंने मेरे से बात करने में बिल्कुल भी राजनीति नहीं की। उन्होंने सरकार की आलोचना भी नहीं की है। मुझे देखकर खुशी हुई कि उनका हृदय कितना विशाल है।''
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'राहुल गांधी आज मुझे एक आर्दश नेता प्रतीत होते है'
रवि प्रताप सिंह ने आगे कहा,
''राहुल गांधी के लिए जो लोग कुछ उक्त शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए मैं ये कहना चाहूंगा कि जो वाल्मिकी कभी उल्टा नाम जपते थे, वो कालांतर में रामायण की रचना कर दी। राहुल गांधी ने जो भारत यात्रा की है, इसने उनके व्यक्तित्व में काफी बदलाव किया है। आज वो मुझे एक आर्दश नेता भी प्रतीत होते हैं।''
रवि प्रताप सिंह ने यह भी कहा है कि राहुल गांधी ने भारतीय सेना की निकटतम परिजन नीति (एनओके) में संशोधन के लिए सरकार से बात करने का आश्वासन दिया है। बता दें कि NOK इस नीति के तहत सैन्य कर्मी की मौत होने पर उनके परिवार के सदस्यों को वित्तीय सहायता और सम्मान दिए जाते हैं।












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