'बहू राजी है तो मैं छोटे बेटे से शादी करवा दूंगा', शहीद कैप्टन अंशुमान के पिता ने क्यों कहा ऐसा? अब क्या हुआ
Capt Anshuman Singh Wife Parents: भारतीय सेना के शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की 26 वर्षीय विधवा पत्नी स्मृति सिंह की कुछ दिन पहले ही दिल दहला देने वाली तस्वीरें वायरल हुई थीं, जब उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपने पति को मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिया गया था। अब शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता रवि प्रताप सिंह और माता मंजू देवी अपनी बहू स्मृति के खिलाफ सामने आए हैं।
शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के परिवार ने बहू स्मृति पर अपने बेटे की सारी यादें, कीर्ति चक्र, फोटो, कपड़े सब ले जाने का आरोप लगाया है। अंशुमान के परिवार का ये भी दावा है कि बहू स्मृति ने बेटे के निधन के बाद अपना पता भी लखनऊ से हटाकर गुरदासपुर अपने घर का कर लिया है। अब मीडिया में सामने आकर अंशुमान सिंह के पिता ने कहा है कि, ''अगर बहू स्मृति चाहे तो मैं अपने छोटे बेटे से उसकी शादी करवा सकता हूं।''

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शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता बोले- बहू तेरहवीं के अगले दिन ही घर छोड़कर गई थी
भारतीय सेना के डॉक्टर कैप्टन अंशुमान सिंह जुलाई 2023 में सियाचिन में लगी आग में दूसरों को बचाते समय शहीद हो गए थे।
IBC24 को दिए इंटरव्यू में अंशुमान सिंह के पिता रवि प्रताप सिंह ने कहा,
''मैंने अंशुमान की शादी धूमधाम से की थी। दोनों की शादी उनकी मर्जी से हुई थी। लेकिन मेरे बेटे के जाने के बाद तेरहवीं के अगले दिन वो घर छोड़कर गई है कि ये कहते हुए उसके मायके में कुछ धार्मिक अनुष्ठान है। जबकि मेरे यहां 3 अगस्त 2023 को धार्मिक अनुष्ठान था। इसके अगले दिन 4 अगस्त को वो नोएडा गई, जहां मेरी बेटी और पत्नी थी। उसने वहां पहुंचकर सूटकेश में सारा सामान पैक किया और चली गई। एक सिम था, जो मेरे बेटे का था, उसे भी रिस्टेक्टेड कर दिया।''

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शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता का दावा: 'बहू राजी है तो मैं छोटे बेटे से शादी करवा दूंगा'
शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता ने आगे कहा,
''मेरे बेटे के जाने के बाद 6 महीने बाद हमने स्मृति के पिता से बात की तो उन्होंने कहा कि हम पास्ट लाइफ को भूल जाना चाहते हैं। आप मुझसे और मेरी बेटी से हालचाल ना पूछे। ये न पूछें कि स्मृति कहां हैं, क्यों है और कैसे है? वो समझदार है और अपना फैसला ले सकती है। बहू के पिता जी मेरे घर पर बेटे के पार्थीव शरीर आने से पहले आए थे तो उन्होंने कहा था कि 'मेरी बेटी की अभी उम्र ही कितनी हुई है, वो सिर्फ 26 साल की है। तो उस वक्त मैंने और मेरे साथ के लोगों ने कहा था कि अगर वो दूसरी शादी करना चाहती है तो हम दोनों परिवार मिलकर उसे बेटी बनाकर विदा करेंगे। अगर वो चाहती है कि वो अंशुमान के घर में ही रहे और शादी भी करना चाहे तो मैं अपने छोटे बेटे से भी शादी करवाने के लिए तैयार हूं। अगर वो ये चाहती है कि शादी ना करे, ऐसे ही रहे तो हम उसके लिए भी तैयार हैं।''
बता दें कि अंशुमान के छोटे भाई का नाम घनश्याम सिंह है, जो पेशे से डॉक्टर है। वहीं बहन का नाम तान्या सिंह है, वो भी डॉक्टर हैं।

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शहीद अंशुमान सिंह के परिवार को बहू से किस बात को लेकर दिक्कत है?
कैप्टन अंशुमान के पिता ने कहा कि, ''मैं सबको पहले ये बताना चाहता हूं कि हमारी बहू स्मृति के बारे में हमने जो कुछ भी कहा है, वो पैसों की वजह से नहीं कहा है। मैं इस बात का खंडन करता हूं कि वो पैसे लेकर गई है...ये पूरा मामला जो मीडिया में चल रहा है, वो किसी भी तरह से पैसे के लिए नहीं है।''
कैप्टन अंशुमान के पिता ने कहा कि, ''बहू से मेरी शिकायत समाजिक तौर पर है। वहीं सरकार से शिकायत NOK को लेकर है।'' बता दें कि राज्य सरकार की ओर से जो मानक है उसके अनुसार उनकी पत्नी और परिवार को एक निश्चित मापदंड के साथ राशि का भुगतान किया गया है। AGI की राशि भी नियमों के मुताबिक आधा-आधा फीसदी दिया गया है।












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