पश्चिम बंगाल: स्कूल जाने पर बेटी को फांसी पर चढ़ाने की कोशिश, आरोपी पिता गिरफ्तार

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। स्कूल जाने पर अपनी बेटी को फांसी पर चढ़ाने की कोशिश करने के आरोपी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले की है जहां कुछ दिनों पहले एक आदिवासी पिता अपनी 11 साल की बेटी को केवल इसलिए मारना चाहता था क्योंकि वह स्कूल जाती थी। घटना के बाद से ही आरोपी पिता दिलीप मुंडा फरार चल रहा था लेकिन अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आदिवासी परिवार की लड़की का पढ़ने की कोशिश करना पिता व सौतेली मां को रास नहीं आता था इसलिएउसे जिंदा फांसी पर लटका कर मारने की कोशिश की गई थी। चीख पुकार पर दौड़े चाचा ने लड़की को फांसी से उतारकर उसकी जान बचाई थी।

सौतेली मां करती थी शिकायत

सौतेली मां करती थी शिकायत

आदिवासी परिवार की लड़की पढ़ना चाहती है। इसलिये परिवार वालों से छिपकर स्कूल जाती थी। लेकिन सौतेली मां लड़की का पढ़ना यह स्वीकार नही था। उसी से घर का सारा काम कराती थी। इसके अलावा पति के वापस लौटने पर बेटी के खिलाफ भड़काती रहती थी। वही पत्नी के बात को ही सही मानकर पिता ने कक्षा पांचवी मे पढ़ने वाली अपने ही बेटी को काफी पीटा। फिर जिंदा ही फांसी लगाकर मारने का प्रयास भी किया। चिल्लाने की आवाज सुनकर चाचा ने मौके पर पहुंचकर लड़की को बचाया।

कमलिका किसी तरह छिपकर पढ़ने जाती थी

कमलिका किसी तरह छिपकर पढ़ने जाती थी

घटना अलीपुरद्वार के सोनापुर पुलिस फाड़ी के अंर्तगत पांचकेलगुड़ी चार माइल ग्राम की है। बताया गया कि चार वर्ष पहले पत्नी की मौत के बाद दिलीप मुंडा ने जांबी से विवाह कर लिया। पहली पत्नी से अर्पणा, श्यामलिका व कमलिका तीन बेटियां थीं। सौतेली मां के दुर्व्यहार पर अर्पणा पहले ही मामा के घर चली गई। सौतेली मां शेष दोनों बेटियों की पढ़ते नहीं देख पाई। मेधावी होने पर भी श्यालिका ने पढ़ाई छोड़ दी थी। कमलिका किसी तरह छिपकर पढ़ने जाती थी। कमालिका मुंडा स्कूल गई हमेशा की तरह उसने पति से इसकी शिकायत की। गुस्साए दिलीप ने कमलिका को पीटकर फांसी पर चढ़ाकर मारने की कोशिश की।

आश्चर्यचकित करने वाली घटना

आश्चर्यचकित करने वाली घटना

बच्ची के मुंह से घटना के बारे में जानकर शिक्षक-शिक्षिकाएं भी आश्चर्यचकित रह गए। घटना की रिपोर्ट कदमतला जूनियर बेसिक स्कूल के इंचार्ज राकेश दे ने बीडीओ के पास दर्ज कराई। घटना के बाद से दंपति फरार हैं। पुलिस अधीक्षक अभारू रवींद्रनाथ व मानवाधिकार संस्था ने जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी से कमलिका को संस्था में आश्रय दिलाया। यही नहीं बड़ी बहन श्यामलिका को भी संस्था के हवाले कर दिया गया है। कमेटी के चेयरमैन कांति महंत ने बताया कि दोनों बहनें घर नहीं लौटना चाहती है।

तमिलनाडु: शोषण और शर्मिंदगी से तंग आकर ट्रांसजेंडर ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
West Bengal labour tries to hang daughter for going to school, arrested

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

X