Bengal Falta Repoll: TMC की BJP को खुली चुनौती! ‘पूरा दम लगा लो’, बंगाल की इस सीट पर क्यों बढ़ा सियासी तापमान?
West Bengal Falta Repolling: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का सबसे चर्चित राजनीतिक मोर्चा अब फालता विधानसभा सीट बन चुकी है। चुनाव आयोग द्वारा यहां मतदान रद्द कर दोबारा चुनाव कराने के फैसले के बाद राज्य की राजनीति और ज्यादा गर्म हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि फालता सीट पर जीतने के लिए वह अपनी पूरी ताकत लगा ले।
फालता सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होना है। चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान को "गंभीर चुनावी गड़बड़ी" और "लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने" के आरोपों के आधार पर रद्द कर दिया था। इसके बाद अब यहां 285 बूथों पर नए सिरे से वोटिंग कराई जाएगी।

🔷फालता सीट क्यों बनी राजनीतिक केंद्र? (Why Falta Became Political Flashpoint)
फालता विधानसभा सीट दक्षिण 24 परगना जिले में आती है। दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान यहां कई शिकायतें सामने आई थीं। चुनाव आयोग को मिली रिपोर्ट में मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। आरोप था कि कुछ जगहों पर चुनावी नियमों का उल्लंघन हुआ और मतदान प्रभावित करने की कोशिश की गई।
इन्हीं शिकायतों को गंभीर मानते हुए चुनाव आयोग ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान का फैसला लिया। आयोग का कहना है कि मतदान पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में कराया जाएगा।
🔷TMC ने BJP को क्या चुनौती दी? (TMC Open Challenge To BJP)
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भाजपा को सीधी चुनौती दी। पार्टी ने कहा कि भाजपा चाहे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी फालता प्रचार के लिए लेकर आए।
TMC ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि भाजपा अपने पूरे राजनीतिक और संगठनात्मक तंत्र का इस्तेमाल कर सकती है। पार्टी ने यह भी कहा कि अगर जरूरत हो तो 50 हजार केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती भी कर दी जाए, लेकिन इससे मतदाताओं के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पार्टी का दावा है कि फालता की जनता पहले ही अपना मन बना चुकी है और चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में नहीं जाएगा।
🔷'सिंघम' अधिकारी का नाम क्यों आया?
तृणमूल कांग्रेस ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा का भी जिक्र किया। शर्मा को चुनाव आयोग ने पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया था। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कारण उन्हें 'सिंघम' नाम से भी जाना जाता है।
मतदान से पहले उन्होंने चेतावनी दी थी कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। TMC ने इसी संदर्भ में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जितने भी प्रशासनिक इंतजाम करने हों, कर लिए जाएं, लेकिन जनता का मूड नहीं बदलेगा।
🔷भ्रामक प्रचार का आरोप
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप भी लगाया। पार्टी ने कहा कि चुनाव से पहले सोशल मीडिया और आईटी सेल के जरिए भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
TMC का कहना है कि फालता चुनाव को लेकर अफवाहें और राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश हो रही है, लेकिन स्थानीय मतदाता जमीन पर हालात को समझते हैं और बाहरी प्रचार से प्रभावित नहीं होंगे।
🔷चुनाव आयोग की तैयारी क्या है?
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि फालता सीट पर 21 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
आयोग ने कहा है कि केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती होगी और पूरे मतदान पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उद्देश्य यह है कि किसी भी तरह की शिकायत दोबारा सामने न आए।
🔷 फालता की लड़ाई क्यों अहम मानी जा रही?
फालता अब सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं रह गई है। यह चुनावी पारदर्शिता, राजनीतिक भरोसे और शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक बन चुकी है। TMC और BJP दोनों इस सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं।
21 मई का मतदान और 24 मई की मतगणना इस बात का फैसला करेगी कि फालता की जनता किसके साथ खड़ी है। लेकिन उससे पहले सियासी बयानबाजी ने इस सीट को बंगाल चुनाव की सबसे चर्चित लड़ाइयों में शामिल कर दिया है।















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