डॉ गुलेरिया ने कहा-अगर कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया तो टल सकती हैं तीसरी लहर
नई दिल्ली, जुलाई 23: देश में कोरोना की दूसरी लहर अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुई है, इसी बीच तीसरी लहर की आशंकाएं उभरनी शुरू हो गई हैं। तीसरी लहर की संभावना पर बढ़ती चिंताओं के बीच, एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने शुक्रवार को कहा कि देश की आबादी में काफी अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता है। वहीं डॉक्टर गुलेरिया ने कोरोना वायरस के म्यूटेशन को लेकर भी अहम जानकारी साझा की है।
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शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि, अगर अगले कुछ महीनों तक, जब तक कि हमारी आबादी के एक बड़े हिस्से का टीकाकरण नहीं हो जाता, हमें भीड़-भाड़, गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए। अगर हम कोविड उपयुक्त व्यवहार करते हैं तो महामारी की तीसरी लहर को और टाला जा सकता है या फिर इसे पूरी तरह समाप्त भी किया जा सकता है।
डॉक्टर गुलेरिया ने आगे कहा कि, हम यह अनुमान नहीं लगा सकते कि वायरस कैसे व्यवहार करेगा, लेकिन ऐसा लगता है कि आने वाले महीनों में वायरस इतना नाटकीय रूप से उत्परिवर्तित नहीं होगा। सीरोसर्वे के अनुसार, जनसंख्या में प्रतिरक्षा की पर्याप्त मात्रा है। उन्होंने कहा कि, ये कहना मुश्किल है की तीसरी लहर कब आएगी। जहां पॉजिटिविटी रेट बहुत कम है हम वहां स्कूल खोल सकते हैं। हमें ग्रेडेड मैनर में स्कूल खोलने चाहिए। हालांकि, उन्होंने एक खुशखबरी भी दी है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए सितंबर तक वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है।
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने लोकसभा में बताया है कि आईसीएमआर ने कोविड-19 को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चार दौर के सीरो सर्वे किए हैं और नवीनतम सीरो सर्वे से पता चलता है कि 6 वर्ष से अधिक उम्र की 67.6 प्रतिशत आबादी ने कोविड-19 के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित कर ली है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो 23 जुलाई को देश में पिछले 24 घंटे में 35,342 नए कोरोना केस सामने आए और इस दौरान कोरोना संक्रमित 483 मरीजों ने अपनी जान गंवाई।












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