Video: कश्मीरी पंडित सरपंच की बेटी ने आतंकियों को किया चैलेंज, बोली-न मेरा बाप किसी से डरता था, न मैं किसी के बाप से डरती हूं
अनंतनाग। आठ जून को जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने सरपंच अजय पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी। अजय की हत्या के बाद से कश्मीरी पंडितों में बड़ा रोष है और अब उनकी बेटी नियान्ता उर्फ शीन पंडित का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शीन ने पिता की हत्या करने वाले आतंकियों को कायर करार दिया है। उनका कहना है कि उनके पिता को पीछे से गोली मारी गई क्योंकि आतंकी जानते थे कि वह कभी न डरने वाले शख्स हैं। नौ जून को अजय पंडित का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके अंतिम संस्कार में बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के अलावा कई और लोगों ने भी मौजूदगी दर्ज करार्इ।
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'मेरे पिता पर पीछे से वार किया'
नियान्ता को जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, 'मैं शीन पंडित, सरपंच अजय पंडित की। मैं अपने पिता के हत्यारे को बताना चाहती हूं कि वह एक वह एक कायर और डरपोक इंसान है। उन्होंने मेरे पिता को पीठ पर गोली मारी है। मैं अपने पिता की मौत का बदला लेकर रहूंगी। मैं उन आतंकियों को अपनी आंखों के सामने मरते हुए देखना चाहती हूं जिन्होंने मेरे पिता को मारा है।' इसके बाद नियान्ताने आगे कहा, ' न मेरा बाप किसी से डरता था और न मैं किसी के बाप से डरती हूं। लेकिन उन हत्यारों को डरना पड़ेगा।' अजय पंडित की दो बेटियां और उनके पिता ने इस घटना को उनके लिए बहुत मुश्किल पल करार दिया है।
TRF का हाथ होने की आशंका
अजय पंडित की हत्या के बाद घाटी में 90 के दशक का वह दौर याद आ गया जब बड़े पैमाने पर कश्मीरी पंडितों को मारा गया था। अजय पंडित के शव को तिरंगे में लपेटा गया था और उनकी बेटी का कहना है कि पिता के शव को तिरंगे में देखना गौरवशाली पल था। उनके शव को कश्मीर घाटी से मंगलवार सुबह जम्मू भेजा गया था जहां पर उनका घर है। जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल जीसी मुर्मू का कहना है कि जिन लोगों ने भी अजय की हत्या की है वह मानवता के दुश्मन हैं। अजय पंडित की हत्या के पीछे द रेजीसस्टांस फोर्स (टीआरएफ) का हाथ माना जा रहा है।

16 साल बाद हुई ऐसी घटना
40 साल के अजय पंडित कांग्रेस के सदस्य थे और अनंतनाग जिले में सरपंच थे। उन्हें आतंकियों ने सोमवार शाम छह बजे उनके पैतृक गांव में गोली मारी थी। अजय की हत्या के बाद से घाटी के कश्मीरी पंडितों में काफी गुस्सा है। उनकी हत्या के बाद समुदाय के लोगों ने कहा कि लगातार खतरा बढ़ता जा रहा था मगर अथॉरिटीज ने अजय को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई। 16 सालों में कश्मीरी पंडितों की हत्या का यह पहला मामला था। कश्मीरी पंडितों को घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय के तहत माना जाता है।

कश्मीरी पंडितों ने मांगी सुरक्षा
जम्मू कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष रविंदर रैना का कहना है कि आतंकियों ने सरपंच को निशाना बनाया क्योंकि वह पिछले कुछ समय सेना की तरफ से हो रही कार्रवाई से निराश हैं। रविंदर रैना के मुताबिक हाल के माह में सुरक्षाबलों ने 24 टॉप कमांडर्स के साथ 80 आतंकियों को निबटाया है। साथ ही उन्होंने यह बात भी कही कि जो लोग अजय की हत्या के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें भी खत्म कर दिया जाएगा। कश्मीरी पंडितों की तरफ से केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वह उनके अलावा दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों को सुरक्षा प्रदान करे।












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