Waqf Bill: मोदी सरकार की 'कमजोर नस' दबा रही AIMIM, क्या INDIA bloc को इन 3 राज्यों में भी दर्द देंगे ओवैसी?
Waqf Bill Parliament: वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष संसद में मोदी सरकार पर आग बबूला है। इसपर बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल की अगुवाई वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट संसद में पेश होते ही विपक्ष ने इसको लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
इस विधेयक के खिलाफ सबसे ज्यादा आक्रामक हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी दिख रहे हैं। दरअसल, ओवैसी को अपनी राजनीति के लिए यह एक बहुत ही उपजाऊ मुद्दा दिख रहा है, क्योंकि ऐसे मसले उठाकर ही उन्होंने अपनी सियासत को हैदराबाद से बढ़ाकर महाराष्ट्र से लेकर बिहार, बंगाल और यूपी तक पहुंचाया है।

Waqf Bill News: संख्या गणित मोदी सरकार के साथ, ओवैसी ने शुरू किया अंतिम प्रयास!
इस समय लोकसभा और राज्यसभा में जो सांसदों की संख्या गणित है, उसके रहते मोदी सरकार के लिए वक्फ संशोधन बिल (Waqf (Amendment) Bill) को संसद से पास करवाने में कोई दिक्कत होने की आशंका नहीं है। ऐसे में ओवैसी को एनडीए के कुछ सहयोगियों से ही अंतिम आस बच गई है।
Waqf Bill in Parliament नीतीश, चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान को समझाने-धमकाने में क्यों जुटे ओवैसी?
इंडियन एक्सप्रेस ने जब इसी मुद्दे पर एक इंटरव्यू में ओवैसी से सवाल किया कि एनडीए के पास तो संख्या है और जेडीयू (JDU), टीडीपी(TDP) और एलजेपी (रामविलास पासवान) सरकार के साथ खड़े हैं, ऐसे में विपक्ष का रोडमैप क्या है?
इसपर ओवैसी ने कहा है कि 'टीडीपी, एलजेपी (आरवी) और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार को निश्चित रूप से यह समझना होगा कि वह जो कुछ कर रहे हैं, वह एक तरह से असंवैधानिक है।'
हैदराबाद के सांसद ने अपनी भड़ास कुछ इस तरह से निकाली है कि 'वे वक्फ को खत्म करने जा रहे हैं और इस दौरान,मुस्लिम अल्पसंख्यकों के हितों और धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखने की उनकी उथली बातें तमाशा बनती जा रही हैं। वे बहुत ही बुरी तरह से बेनकाब हो सकते हैं।'
ओवैसी ने यहां तक कहा कि 'अल्लाह न करे...अगर यह बिल कानून बन गया तो मुसलमान चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और नीतीश को उनके विश्वासघात के लिए माफ नहीं करेंगे।' दरअसल, ओवैसी को लगता है कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जो उन्हें अपने वोट बैंक को मजबूत करने में काफी मदद कर सकता है।
Waqf Bill Owaisi: एनडीए के सहयोगियों पर हमला तो बहाना है, इंडिया ब्लॉक की पार्टियां ओवैसी का निशाना हैं?
वास्तव में एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ धमकी तो एनडीए नेताओं को दे रहे हैं, लेकिन उनके चुनावी बैकग्राउंड को देखें तो उनके स्टैंड से विपक्षी इंडिया ब्लॉक की सांसें ज्यादा अटकने लगती हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। दिल्ली में 10-12 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा करके पार्टी ने सिर्फ दो ही सीटों (ओखला और मुस्तफाबाद) पर प्रत्याशी उतारे और एक (मुस्तफाबाद) पर आम आदमी पार्टी की हार का कारण बन गई।
Waqf Bill Bihar Chunav: बिहार की 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का संकेत दे रहे हैं असदुद्दीन ओवैसी
ओवैसी का अगला लक्ष्य बिहार विधानसभा चुनाव है। हैदराबाद के सांसद ने वनइंडिया के हमारे बेहद भरोसेमंद सूत्र को ही संकेतों में बताया है कि एआईएमआईएम राज्य में इस बार 50 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
यह सीटें सीमांचल, मिथिलांचल से लेकर छपरा,सीवान और गोपालगंज इलाके में होंगी। 2020 में ओवैसी की पार्टी बिहार में 20 सीटों पर लड़कर 5 सीटें जीत गई थी। इन सीटों पर उसे कुल 14.28% वोट मिले थे; और इस वजह से कई सीटों पर यह महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) के हार का कारण भी बनी थी।
Waqf Bill News: पश्चिम बंगाल से लेकर यूपी तक में पल रहा है ओवैसी का मंसूबा
ओवैसी का मंसूबा सिर्फ बिहार में ही नहीं है, पश्चिम बंगाल से लेकर यूपी तक में वह अपनी उपस्थिति दर्ज करने की कोशिशों में जुटे हैं। 2021 में बंगाल में एआईएमआईएम 6 सीटों पर लड़ चुकी है, लेकिन उसे तब कोई खास सफलता नहीं मिली थी। इसी तरह से यूपी में वह 95 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और यहां उसे करीब 2% वोट मिले थे।
बिहार से लेकर दिल्ली तक में यह दिखा है कि मुस्लिम युवाओं के एक वर्ग के बीच ओवैसी की पार्टी ने अपना जनाधार तेजी से बढ़ाया है। ऐसे में जिस तरह से वह अभी से वक्फ बिल के खिलाफ मुसलमानों के बीच माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं, इससे एनडीए से ज्यादा नुकसान उनके माध्यम से इंडिया ब्लॉक के ही होने की आशंका बढ़ सकती है।












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