Who is Vijaya Rahatkar: कौन हैं विजया किशोर रहाटकर? जिन्हें मोदी सरकार ने NCW का नया अध्यक्ष बनाया
Who is Vijaya Kishore Rahatkar: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विजया किशोर रहाटकर को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। रहाटकर अब रेखा शर्मा की जगह लेंगी, जिनका कार्यकाल 6 अगस्त को समाप्त हो गया था।
विजया की नियुक्ति तीन साल की अवधि या 65 साल की आयु तक, जो भी पहले हो, तक चलेगी। इसके अलावा, सरकार ने नए सदस्यों की भी नियुक्ति की है, जिनमें से एक डॉ. अर्चना मजूमदार हैं। आइए जानते हैं कौन हैं विजया?

विजया किशोर रहाटकर कौन हैं?
वर्तमान में विजया रहाटकर भाजपा की राष्ट्रीय सचिव और पार्टी की राजस्थान इकाई के सह प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। वे 2016 से 2021 तक महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रहीं, जहां उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और विकास के लिए कई पहल कीं। इसमें 'सक्षमा' नामक पहल के जरिए एसिड अटैक पीड़ितों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा, महिला सशक्तिकरण के लिए 'प्रज्वला' अभियान की शुरुआत और 24 घंटे हेल्पलाइन सुविधा 'सुहिता' की स्थापना भी की।
रहाटकर का एक और बड़ा योगदान 'डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम' की शुरुआत करना था, जिससे महिलाओं को डिजिटल दुनिया में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने महिलाओं के मुद्दों पर आधारित 'साद' नामक एक पब्लिकेशन भी लॉन्च किया। इसके अलावा, 2007 से 2010 तक उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद)की मेयर के रूप में भी सेवाएं दीं।
रेखा शर्मा की जगह विजया किशोर ने ली
आपको बता दें कि विजया किशोर ने रेखा शर्मा की जगह ली है, जिनका एनसीडब्ल्यू प्रमुख के रूप में कार्यकाल 6 अगस्त को समाप्त हो गया था। रेखा शर्मा का कार्यकाल भी काफी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने 2015 में एनसीडब्ल्यू में सदस्य के रूप में शुरुआत की और 2017 में उन्हें अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। 2018 में वे औपचारिक रूप से एनसीडब्ल्यू प्रमुख बनीं। शर्मा के कार्यकाल में उन्होंने महिला सशक्तिकरण के कई अहम कार्य किए। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों से भी अछूता नहीं रहा। पिछले साल मणिपुर हिंसा के दौरान निष्क्रियता के आरोपों के चलते उनकी आलोचना की गई थी, लेकिन उन्होंने हमेशा इन आरोपों का खंडन किया।
एनसीडब्ल्यू की भूमिका
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का गठन 1992 में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए किया गया था। यह संस्था महिलाओं के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न के मामलों में संज्ञान लेती है और सरकार को आवश्यक सुझाव देती है।
विजया रहाटकर का एनसीडब्ल्यू का अध्यक्ष बनना महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में लंबे समय से काम किया है। उनकी पहल और नेतृत्व क्षमता से उम्मीद है कि वे महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाएंगी। उनके अनुभव और उनकी योजनाएं एनसीडब्ल्यू के कार्यों को और प्रभावी बना सकती हैं।












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