मंदिर बनवाने के लिए विजय कुमार ने मुस्लिम दोस्त से मांगी मदद, 10 दिनों के अंदर ऐसे पूरी की तमन्ना
नई दिल्ली। हिंदू और मुसलमान की बात जब भी आती है तो अक्सर में हिंसा और दंगों के उदाहरण मिलते हैं, ऐसा बहुत ही कम होता है जब किसी ने दोनों पक्षों में दोस्ती की बात याद रखी हो। इन सब से परे विजय कुमार और अब्दुल खुदा मोहम्मद हनीफ शेख ने धर्मों को भुलाकर दोस्ती की एक नई मिसाल पेश की है। तमिलनाडु के रहने वाले विजय कुमार अपने गांव में एक मंदिर का निर्माण करना चहाते थे लेकिन पैसों की दिक्कत के चलते वह काफी परेशान थे। ऐसे में उनको गुजरात में रहने वाले अपने दोस्त अब्दुल खुदा मोहम्मद हनीफ शेख की याद आई और उन्होंने उनसे मदद मांगी।

अपने गांव में मंदिर बनवाना चाहते हैं विजय कुमार
विजय कुमार के दोस्त अब्दुल खुदा मोहम्मद हनीफ शेख भी मूलरूप से तमिलनाडू के पारिपट्टी गांव के हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह गुजरात में रहे हैं। जब उन्हें अपने दोस्त की समस्या का पता चला तो उन्होंने पैसों का इंतजाम करने के लिए अपना सारा जोर लगा दिया। विजय कुमार ने हनीफ शेख को बताया कि वह अपने डिंडीगुल जिले के अपने गांव पारिपट्टी में एक मंदिर बनवाना चाहते हैं लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं हैं। दोस्त की समस्या सुनने के बाद हनीफ शेख ने मंदिर के लिए 3 लाख रुपए का दान इकट्ठा करके अपने दोस्त को दिया।

मदरसों से इकट्ठा किया चंदा
अब्दुलखुदा मोहम्मद हनीफ शेख ने बताया कि मेरे दोस्त विजय कुमार ने मुझे अपनी समस्या 4 महीने पहले बताई थी और 10 दिन पहले वह मेरे पास आए थे। हनीफ शेख ने कहा कि वापी से लेकर मेहसाणा तक कई मदरसे हैं, यहां तक की गांव में भी कई हैं, मैं एक-एक करके सबसे पास गया और मंदिर के लिए करीब 3 लाख रुपए का चंदा इकट्ठा किया। विजय कुमार ने भी बताया कि वह 10 दिनों तक अपने दोस्त के साथ गुजरात में रहे और 3 लाख रुपए एकत्र किए।
Abdulkhuda Mohammed Hanif Shaikh: They'd told me 4 months back & came to me 10 days back. From Vapi to Mehsana there are several Madrasis, even here in the village too. I personally went to them & collected around Rs 3 Lakh. We live not as Hindus or Muslims but together with love https://t.co/fomta1MfpO pic.twitter.com/y5knISpxp8
— ANI (@ANI) March 5, 2020
हिंदू-मुस्लिम की तरह नहीं दोस्त की तरह रहते हैं
मंदिर बनवाने की इच्छा रखने वाले विजय कुमार ने बताया कि उन्हों अपने दोस्त अब्दुलखुदा मोहम्मद हनीफ शेख से मदद मांगी थी। मैं यहां गुजरात में 10 दिनों तक रहा और हनीफ शेख के साथ अगल-अलग स्थान पर गया और 3 लाख रुपए इकट्ठा किए। विजय ने बताया कि हमारे गाँव में कोई भी हिंदू या मुसलमान की तरह नहीं रहता है बल्कि हम सब दोस्तों की तरह रहते हैं।
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