VIDEO: शहर का कचरा ढोने वाले ट्रकों में अस्पताल पहुंचाए जा रहे हैं कोरोना मरीज, देखिए नज़ारा!
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश में एक नगर पालिका कूड़ा ढाने वाले कचरा वाहन में तीन कोविड-19 रोगियों को अस्पताल ले जाने वाला एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो विजयनगरम जिले का है, जो नेल्लीमारला नगरपालिका सीमा के जारजापुपेटा इलाके का है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने सत्ताधारी वाईएसआरसीपी पर हमला किया है।


वायरल वीडियो में एक महिला और दो पुरुषों को एक मिनी ट्रक पर चढ़ रहे हैं
वायरल वीडियो में एक महिला और दो पुरुषों को एक मिनी ट्रक पर चढ़ते हुए देखा जा सकता है, जिस पर 'स्वच्छ भारत, स्वच्छ नेल्लीमरला' लिखा हुआ है। पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (PPE) किट पहने एक अन्य व्यक्ति को ड्राइवर की सीट पर चढ़ते हुए देखा जाता है, जबकि फ्रेम के बाहर एक आवाज मरीजों को अस्पताल जाने और सुरक्षित लौटने के लिए कहती है।

नेता प्रतिपक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार रात को वायरल वीडियो ट्वीट किया
नेता प्रतिपक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार रात को एक वीडियो ट्वीट किया। ट्वीट में उन्होंने लिखा, शाबाश! बीसी कॉलोनी में तीन कोविद-19 मरीजों को एक 'कचरा वाहन' में अस्पताल में पहुंचाया गया। उन्होंने आगे लिखा, मैं कोरोनावायरस के बारे में तो नहीं जानता, लेकिन ऐसे कूड़ा गाड़ी में कोरोना मरीजों को लेकर जानाअन्य खतरनाक बीमारियों को दावत देना है। नायडू ने कहा, आंध्र में कोरोना मरीजों के साथ इंसानों जैसा बर्ताव नहीं किया जा रहा है?

नेल्लीमरला नगर पालिका आयुक्त जेआर अपाला नायडू ने दी सफाई
घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त देते हुए नेल्लीमरला नगर पालिका आयुक्त जेआर अपाला नायडू ने एक बयान में कहा कि नगरपालिका वाहन का उपयोग पहले कभी भी COVID-19 रोगियों के परिवहन के लिए नहीं किया गया है। नगर पालिका ने आगे कहा कि उनकी अनुमति और जानकारी के बिना वाहन का उपयोग मरीजों के लिए किया गया।

कोरोना मरीज नजदीकी एमआईएमएस अस्पताल ले जाए जाए
बकौल जेआर अपाला नायडू, पता चला है कि जारजापुपेटा में गांव के कुछ बुजुर्गों ने महसूस किया कि कोरोना मरीजों को तुरंत नजदीकी महाराजा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एमआईएमएस) अस्पताल ले जाया जाए और इसके लिए वो वाहन तलाश कर रहे थे, लेकिन इस बीच नगरपालिका के मिनी ट्रक को देखा, तो उन्होंने वाहन को रोक लिया और उसमें मरीजों को अस्पताल ले जाया गया। उनके साथ ड्राइवर को भेजा गया, जिसने पीपीई किट पहन रखी थी।

कूड़ा वाहन उपयोग के लिए जिम्मेदार स्टाफ खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
हालांकि नगर पालिका आयुक्त ने यह कहा कि वाहन के उपयोग के लिए जिम्मेदार स्टाफ सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विजयनगरमके जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (डीएमएचओ) का कहना है कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। DMHO रमना कुमारी ने बताया कि यह घटना शुक्रवार को हुई थी, जब मरीजों को कोंडा वेलागडा के एक स्थानीय PHC (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) से MIMS में स्थानांतरित किया जा रहा था, जो कि एक COVID-19 अस्पताल है। उन्होंने बताया कि पीएचसी के अधिकारी एक एम्बुलेंस की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मरीजों के परिजनों ने कहा कि वो प्रबंधन करेंगे, तो अस्पताल के कर्मचारियों ने संक्रमण से सुरक्षा के लिए उन्हें पीपीई किट दिया।

मरीजों के शवों को एर्थमोवर वाहन में ले जाने वाला वीडियो वायरल हुआ था
इससे पहले भी आंध्र में कई वीडियो सामने आ चुके हैं, जिसमें कोविड -19 के मरीजों के शवों को मिट्टी ढोने वाले ट्रक की मदद से ले जाते हुए देखा गया था। हालांकि जुलाई की शुरुआत में मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने बड़ी धूमधाम के बीच उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक हजार से अधिक नई एम्बुलेंस शुरू की थीं।












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