Karnataka Election 2023: मतदान से पहले कांग्रेस को मिला वीरशैव लिंगायत फोरम का समर्थन
Veerashaiva Lingayat Supports To Congress: कर्नाटक में मतदान से पहले कांग्रेस के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल,वीरशैव लिंगायत फोरम ने समर्थन देने की अपील की है।

Veerashaiva Lingayat: कर्नाटक वीरशैव लिंगायत फोरम ने 10 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को अपना समर्थन देने के लिए एक आधिकारिक पत्र जारी किया। फोरम ने लिंगायत समुदाय के लोगों से कांग्रेस को वोट देने का आग्रह किया। मतदान से पहले कांग्रेस के लिए यह संजीवनी बूटी की तरह मानी जा रही है। वहीं इससे पहले कांग्रेस नेता शमनूर शिवशंकरप्पा और जगदीश शेट्टार ने भी कर्नाटक के हुबली में लिंगायत संतों से मुलाकात की थी।
लिंगायत और वीरशैव लिंगायत में क्या अंतर?
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक वीरशैव स्थावर लिंग (Veerashaiva Lingayat) यानी एक ही जगह पर स्थित स्थिर लिंग की पूजा करते हैं, लेकिन इष्ट लिंग को गले में पहना जा सकता है और ये एक जगह पर स्थिर नहीं होता। जब भी किसी लिंगायत को पूजा अर्चना करनी होती है वो अपने गले के इस शिवलिंग को अपनी हथेली पर रख कर प्रार्थना करता है। वीरशैव और लिंगायतों के बीच ये सबसे प्रमुख और सबसे बड़ा फर्क हैं। आपके और ईश्वर के बीच कोई और नहीं होता।
कर्नाटक में लिंगायत वोट बैंक महत्वपूर्ण
कर्नाटक में लिंगायत वोट बैंक महत्वपूर्ण है कर्नाटक में लिंगायत समाज एक बहुत बड़ा वोट बैंक है। इनकी करीब 17 फीसदी आबादी है। यही वजह है कि बीएस येदियुरप्पा जब पार्टी में 75 वर्ष की उम्र सीमा के चक्कर में सीएम पद से हटे तो भाजपा ने दूसरे लिंगायत चेहरे बसवराज बोम्मई को ही उनका उत्तराधिकारी बनाया।
कर्नाटक में चुनाव कब?
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 10 मई को वोटिंग करवाई जाएगी। इसके बाद 13 मई को वोटों की गिनती होगी। कर्नाटक में 58282 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। ऐसे में लग रहा था कि चुनाव दो चरणों में होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चुनाव आयोग ने सभी सीटों पर एक साथ मतदान करवाने का फैसला लिया है। इसके लिए आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। साथ ही सुरक्षा इंतजाम भी किए जा रहे। चुनाव आयोग ने साफ किया कि उनकी कोशिश रहेगी कि शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हों। इसके लिए जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं।












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