मई के मुकाबले जून में दोगुनी हुई वैक्सीनेशन की रफ्तार, लेकिन अभी हासिल करना है पहाड़ जैसा लक्ष्य
नई दिल्ली, 1 जुलाई। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देशभर में टीकाकरण की तफ्तार को कई गुना बढ़ा दिया गया है। 21 जून, 2021 को 18 से अधिक आयुवर्ग वालों के लिए वैक्सीन मुफ्त होने के बाद पहली बार एक दिन में 80 लाख लोगों का टीकाकरण किया गया। मई के अंत में वैक्सीन की किल्लत को लेकर भी केंद्र सरकार ने देश को भरोसा दिलाया था कि जून में 11,95,70,000 कोविड वैक्सीन डोज की सप्लाई देशभर में की जाएगी। इस संकल्प को पूरा भी किया गया और जून में करीब इतने ही लोगों का टीकाकरण भी किया गया।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून, 2021 में कुल 11,96,69,381 की खुराक लोगों को दी गईं, औसतन एक दिन में 39,88,979 खुराक। मई, 2021 में किए गए वैक्सीनेशन के आंकड़ों से जून की तुलना करें तो यह काफी अधिक है। आपको बता दें कि इस वर्ष 16 जनवरी से शुरू टीकाकरण अभियान की शुरुआत 2011 की जनगणना के अनुमान के अनुसार 94.02 करोड़ वयस्क भारतीयों के ध्यान में रखते हुए की गई थी। मई में औसतन एक दिन में 19,69,580 खुराक और महीने में कुल 6,10,57,003 वैक्सीन की डोज लोगों को दी गई।
मई से जून तक मासिक टीकाकरण की गति में 96 फीसदी का उछाल आया, जबकि दैनिक टीकाकरण की रफ्तार 102 प्रतिशत बढ़ी। वैक्सीनेशन को शुरुआती तेजी अप्रैल में मिली जब 45 वर्ष से अधिक करीब 34.5 करोड़ लोगों के लिए वैक्सीनेश कार्यक्रम शुरु किया गया। उस महीने औसतन एक दिन 29,95,724 डोज के हिसाब से कुल 8,98,71,739 खुराकें लगाई गईं। अप्रैल के टीकाकरण के आंकड़ों की तुलना जून के वैक्सीनेशन से करते हैं तो टीकाकरण की गति 33.15 प्रतिशत बढ़ जाती है।
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बड़ा काम तो अभी बाकी है
हालांकि 21 जून के बाद से टीकाकरण की रफ्तार काफी तेजी से बढ़ी है लेकिन बड़ा काम अभी भी बाकि है। भारत के सामने 94.02 करोड़ योग्य वयस्कों का टीकाकरण करने का एक बड़ा काम है। इसके अलावा 2011 की जनगणना के अनुमान के आधार पर 136.13 करोड़ की संपूर्ण भारतीय आबादी का टीकाकरण करने का अंतिम लक्ष्य होगा। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार अब तक 33,57,16,019 यानी करीब-करीब 35.7% वयस्क लोगों को वैक्सीन की पहली डोज या दूसरी डोज दी चुकी है, लेकिन भारत की पूरी आबादी से इसकी तुलना करें तो जनसंख्या के हिसाब से देश की अभी सिर्फ 6.34% आबादी को ही टीके की डोज देने में सफलता मिली है। इसका मतलब है कि भारत की अभी बड़ी आबादी का वैक्सीनेशन किया जाना बाकी है।












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