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V Kamakoti को पद्मश्री मिलने पर कांग्रेस ने दिलाई गोमूत्र की याद! अरबपति श्रीधर वेम्बू ने दिया करारा जवाब

V Kamakoti Padma Shri Controversy: केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा करते हुए प्रतिष्ठित आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी को पद्म श्री से सम्मानित करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर केरल कांग्रेस ने इस पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें गोमूत्र पर उनके पुराने बयान को लेकर कटाक्ष किया गया।

जनवरी 2025 में प्रोफेसर वी. कामकोटी ने गोमूत्र को लेकर एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और डाइजेस्टिव प्रॉपर्टीज होती हैं। इस बयान पर देशभर में बहस छिड़ गई थी। केरल कांग्रेस ने पद्म श्री की घोषणा के बाद उनके पुराने बयान पर तंज कसा है।

V Kamakoti Padma Shri Controversy

V Kamakoti Padma Shri Controversy: केरल कांग्रेस ने साधा निशाना

प्रोफेसर वी. कामकोटी की गिनती देश के जाने-माने वैज्ञानिक और रिसर्चर के तौर पर होती है। कांग्रेस ने उनके गौमूत्र संबंधी बयान का हवाला देकर उन्हें पद्मश्री दिए जाने पर सवाल उठाया है। केरल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश आईआईटी मद्रास में गाय के मूत्र पर किए गए उनके शोध को याद रखेगा। इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर रिएक्शन की बाढ़ आ गई है।

Sridhar Vembu ने दिया करारा जवाब

इस विवाद के बीच जोहो कॉर्पोरेशन के संस्थापक और भारतीय अरबपति श्रीधर वेम्बू प्रोफेसर कामकोटी के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर कामकोटी डीप टेक में काम करते हैं और माइक्रोप्रोसेसर डिजाइन जैसे अहम क्षेत्रों में उनका योगदान रहा है। वेम्बू ने यह भी कहा कि वे आईआईटी मद्रास के निदेशक हैं, जो भारत का सबसे बेहतरीन तकनीकी संस्थान है, और इस सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं।

V Kamakoti Profile: कई अहम प्रोजेक्ट से जुड़े हैं प्रोफेसर कामकोटी

प्रोफेसर वी. कामकोटी का शैक्षणिक सफर भी बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 1989 में श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, चेन्नई से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीई किया। इसके बाद आईआईटी मद्रास से एमएस और पीएचडी की डिग्री हासिल की। साल 2001 में वे आईआईटी मद्रास में फैकल्टी के रूप में शामिल हुए और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर बने। जनवरी 2022 से वे आईआईटी मद्रास के निदेशक पद पर कार्यरत हैं। वे भारत के स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर प्रोजेक्ट्स से भी जुड़े रहे हैं और डीप टेक के क्षेत्र में उनके योगदान को अहम माना जाता है। उन्होंने आईआईटी मद्रास में वीएलएसआई प्रोग्राम को भी मजबूती दी है। इस साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने कुल 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया है, जिसमें प्रोफेसर वी. कामकोटी का नाम भी शामिल है।

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