राष्ट्रीय औसत से बेहतर हुआ उत्तर प्रदेश में कोविड-19 का रिकवरी रेट
लखनऊ। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के एक आकलन के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति राष्ट्रीय परिदृश्य की तुलना में थोड़ी बेहतर है। बुधवार को राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए मरीजों की रिकवरी दर, सक्रिय संक्रमण और मृत्यु दर के आंकड़े जारी किए गए हैं। जिसके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट राष्ट्रीय औसत से थोड़ा बेहतर हुआ है।
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उत्तर प्रदेश में नए मरीजों की अपेक्षा डिस्चार्ज अधिक होने के कारण रिकवरी रेट बढ़कर 88.36 प्रतिशत हो गया है। जबकि राष्ट्रीय औसत 85% है। अगर एक्टिव मामले की बाते करें तो यूपी में एक्टिव केस 10 फीसदी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 13.4 फीसद है। वहीं अगर डेथ रेट की बात करें तो यूपी का डेथ और राष्ट्रीय औसत 1.5% के बराबर पर हैं। वर्तमान में राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या 43,154 है। वहीं बीते 24 घंटे में 47 संक्रमितों की मौत हो गई। इस तरह कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 6,200 हो गई है।
राज्य के एक अधिकारी ने बताया कि, प्रदेश में की जा रही बड़ी संख्या में टेस्टिंग के कारण ये बेहतर नतीजे सामने आए हैं। बुधवार तक, राज्य में 1.20 करोड़ कोविड टेस्ट किए गए थे, जिनमें से लगभग 44% आरटी-पीसीआर विधि के माध्यम से किए गए थे। पिछले एक पखवाड़े में यूपी में प्रति दिन औसतन 1.5 लाख टेस्ट किए जा रहे हैं। मंगलवार को डिस्चार्ज हुए लोगों को मिलाकर अब तक प्रदेश में 3,70,753 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
कोविड -19 की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर को रोकना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सिस्टम कोरोनो वायरस के खिलाफ लड़ाई में तैयार रहे। उन्होंने कहा कि वायरस के प्रसार की जांच के लिए कॉन्टेक्ट और ट्रेसिंग को तेज किया जाना चाहिए। सीएम ने शहरी और ग्रामीण विकास के विभागों को त्योहारों के मद्देनजर एंटी लार्वा रसायन और चूने का छिड़काव के आदेश दिए हैं।












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