2-3 हफ्ते तक एक ही मास्क लगाने से हो सकता है ब्लैक फंगस- AIIMS डॉक्टर
नई दिल्ली, 22 मई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से भारत अभी जूझ ही रहा है कि ब्लैक फंगस नाम की एक और बीमारी तेजी से फैल रही है। लेकिन इस महामारी के फैलने के पीछे एक चौंकाने वाली वजह सामने आई है। कहीं जिस मास्क को आप कोरोना वायरस से बचाव के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं वह ब्लैक फंगस की वजह तो नहीं बन रहा है। एम्स के डॉक्टर के मुताबिक एक ही मास्क को लगातार दी से तीन सप्ताह तक इस्तेमाल करने पर यह ब्लैक फंगस की वजह बन सकता है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. पी शरत चंद्र ने ब्लैक फंगस के बारे में बात करते हुए कहा कि लगातार 2-3 हफ्ते तक एक ही मास्क को पहनना ब्लैक फंगस के विकास की वजह बन सकता है।
ब्लैक फंगस होने के कई कारण
डॉ. शरत चंद्र ने कहा "फंगन इंफेक्शन कोई नई चीज नहीं है। लेकिन यह कभी भी महामारी की शक्ल में नहीं हुआ। हमें अभी भी सही वजह नहीं पता है कि यह क्यों महामारी की शक्ल ले रहा है। लेकिन हमारे पास कई ऐसे कारण मौजूद हैं जिनके आधार पर हम सकते हैं कि इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं।
डॉ. शरत चंद्र के मुताबिक "इसकी प्रमुख वजहों में अनियंत्रित डायबिटीज, टोसीलिजुमाब के साथ स्टेरॉयड का उपयोग, मरीज का वेंटिलेटर पर होना, ऑक्सीजन लेना है। कोविड इलाज के 6 सप्ताह के भीतर अगर कोई इनमें से किसी से भी होकर गुजरा है तो उसमें ब्लैक फंगस होने का खतरा सबसे ज्यादा है।"
एम्स डॉक्टर ने आगे कहा ऑक्सीजन सिलिंडर से सीधे ठंडी ऑक्सीजन देना बहुत ही खतरनाक है। एक मास्क को लगातार 2-3 सप्ताह तक इस्तेमाल करना ब्लैक फंगस के विकास के लिए वजह बन सकता है। ब्लैक फंगस की घटनाओं को कम करने के लिए इसकी अत्यधिक खतरे की जद में आने वाले संभावित लोगों को पोसाकोनाजोल दवा दी जा सकती है।












Click it and Unblock the Notifications