क्या बदल रही है अमेरिका की तिब्बत पॉलिसी ! दलाई लामा से मिलीं उजरा जेया
तिब्बत मामलों की अमेरिका के विशेष समन्वयक उजरा जेया ने आज मैक्लोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा से मुलाकात की। दोनों के बीच हुई वार्ता में तिब्बत और चीन को लेकर कई अहम मसलों पर चर्चा हुई।
धर्मशाला, 19 मई : तिब्बत मामलों की अमेरिका के विशेष समन्वयक उजरा जेया ने आज मैक्लोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा (His Holiness 14th Dalai Lama) से मुलाकात की। करीब एक घंटे चली वार्ता में तिब्बती मानवाधिकारों पर विस्तृत चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक बैठक के दौरान लोकतांत्रिक शासन के लक्ष्य और मानवीय प्राथिमिकताओं को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। तिब्बत में लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिए चीन पर दबाव बनाने की दृष्टि से यह बैठक काफी महत्वपूर्ण रही।

तिब्बत और चीन को लेकर हुई चर्चा
जानकारी के मुताबिक बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रशासन की चीन और तिब्बत को लेकर नीतिओं पर गहन वार्ता भी हुई। उजरा जेया इसके बाद नेपाल दौरे पर जाएंगी। बता दें कि तिब्बती समुदाय के लोग भी इस बैठक को महत्वपूर्ण मान रहे हैं और तिब्बती नेता और जनप्रतिनिधि काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
उजरा जेया ने पेंपा सेरिंग से मुलाकात की
वहीं, निर्वासित तिब्बती प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग (Pempa Tsering) ने बताया कि, उन्होंने 25 अप्रैल को उजरा जेया से बातचीत की थी। वार्ता के दौरान तिब्बत से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनका ध्यानाकर्षण किया था। उजरा जेया भारत दौरे के क्रम में धर्मशाला पहुंचकर पेंपा सेरिंग और अन्य तिब्बती प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुलाकात की।
चीन को लेकर अमेरिका की नीति क्या है?
1950 के करीब विस्तारवादी चीन ने तिब्बत पर अपना कब्जा जमाना शुरू कर दिया था। बता दें कि, तिब्बत और चीन के बीच संबंधों का सबसे विवादास्पद विषय तिब्बत की आजादी है। वहीं, जानकारों की माने तो पिछले 20 वर्षों में अमेरिका और चीन के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हांगकांग ऑटोनोमी एक्ट पर साइन किए थे। पिछले कुछ सालों में देखे तो अमेरिका ने तिब्बत समेत कई मुद्दों पर चीन पर दबाव बनाने की कोशिश की है।
तिब्बती मामलों की विशेष संयोजक हैं उजेरा जया
गौरतलब है कि अमेरिका ने उजरा जेया को बीते साल दिसंबर में चीन और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के बीच बातचीत के लिए तिब्बती मामलों में अपना विशेष संयोजक नियुक्त किया था। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने उनके नाम का ऐलान किया था। तिब्बत ने अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया था। तिब्बत ने आशा व्यक्त की है कि वह दलाई लामा के दूतों और चीनी नेतृत्व के बीच बातचीत को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम करेंगी। जेया पहली भारतीय अमेरिकी है, जिन्हें ये जिम्मेदारी दी गई है।
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