पीएम मोदी से मिले अमेरिकी रक्षा मंत्री, फाइटर जेट एफ-16 पर होगी बात
मैटिस की भारतीय अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के टॉप अजेंडे में 22 सी गार्जियन ड्रोन एयरक्राफ्ट की सप्लाई भी शामिल है।
नई दिल्ली। भारत दौरे पर आए अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान अमेरिकी के रक्षा मंत्री मैटिस ने प्रधान मंत्री मोदी को द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने और उनकी अमेरिका यात्रा के दौरान किए गए निर्णयों को लागू करने में प्रगति पर जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिम मैटिस के बीच अमेरिका और भारत सामरिक संबंधों को मजबूत करने को लेकर चर्चा भी हुई।

आतंकवाद से मुकाबला करने पर जोर
जिम मैटिस और पीएम मोदी की मुलाकात के दौरान शांति, स्थिरता और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। इससे पहले जिम मैटिस ने अपने भारतीय समकक्ष निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी। जिसके बाद उन्होंने कहा कि आतंकवाद की लड़ाई में अमेरिका भारत के साथ है और दोनों देश मिलकर आतंकवाद का खात्मा करेंगे। इन दोनों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर वार्ता खत्म होने के बाद दोनों रक्षा मंत्रियों के साक्षा बयान सामने आया। जिसमें भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अमेरिका के रक्षा मंत्री के साथ हमारे पड़ोस के हालात और और क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद की गंभीरता से चर्चा की गई।

जिम मैटिस की यात्रा बेहद अहम
मैटिस की भारतीय अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के टॉप अजेंडे में 22 सी गार्जियन ड्रोन एयरक्राफ्ट की सप्लाई भी शामिल है। अमेरिकी सरकार ने जून में ही भारतीय नौसेना के लिए इस सर्विलांस ड्रोन की डील को अपनी अनुमति दे दी है। ऐसा पहली बार हुआ है जब गैर नाटो सदस्य मुल्क के लिए अमेरिकी सरकार ने इसकी सप्लाई की अनुमति दी है। जेम्स मैटिस के इस दौरे के दौरान मेक इन इंडिया अभियान के तहत आने वाले फाइटर जेट एफ-16, एफ-19, और ड्रोन डील की जा सकती है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन से जारी एक बयान में कहा गया है कि मेटिस का भारत दौरा काफी अहम होगा। ये यात्रा बेहद दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण और प्रभावशाली होगी।

आफगानिस्तान में सैनिक नहीं भेजेगा भारत
भारत की यात्रा पर आए अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के साथ राजधानी दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य जारी करने के मौके पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत अफगानिस्तान में स्थिरता बनाये रखने, विकास परियोजनाओं में योगदान करने तथा चिकित्सा के क्षेत्र में सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन अभी भारतीय सैनिकों को वहां तैनात नहीं किया जाएगा।












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