अमेठी में राहुल गांधी की हार पर राज बब्बर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- उन्होंने अमेठी को परिवार माना लेकिन...

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद लगातार पार्टी में मंथन का दौर जारी है। इस चुनाव में केवल पार्टी को ही बड़ी शिकस्त का सामना नहीं करना पड़ा, बल्कि नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ रहे अमेठी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी हार का मुंह देखना पड़ा। राहुल गांधी को बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हराया। राहुल गांधी की हार पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि राहुल गांधी ने अमेठी को संसदीय क्षेत्र नहीं बल्कि अपना परिवार माना, लेकिन घरवालों ने उनके खिलाफ फैसला दे दिया। हालांकि इस फैसले का अफसोस दोनों को ही होगा।

'अमेठी में हार से राहुल गांधी के साथ-साथ अमेठी के दिल में भी है दर्द'

'अमेठी में हार से राहुल गांधी के साथ-साथ अमेठी के दिल में भी है दर्द'

यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा, "एक बात जो मैं 100 फीसदी कह सकता हूं कि राहुल गांधी भले ही वायनाड से सांसद बन गए हों लेकिन उनके दिल में एक टीस रहेगी, कि उन्होंने अमेठी को अपना परिवार समझा, अमेठी को एक नई पहचान दी, लेकिन उसी परिवार ने उनके खिलाफ वोट किया और अपने यहां आने नहीं दिया। नतीजों से राहुल गांधी के दिल में पीड़ा है, वह साफ नजर आ रही है, वहीं अमेठी के लोगों के दिल में भी एक दर्द है।"

प्रियंका गांधी की राजनीतिक एंट्री पर क्या बोले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष

प्रियंका गांधी की राजनीतिक एंट्री पर क्या बोले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष

कांग्रेस महासचिव और लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पूर्वी यूपी की प्रभारी बनाई गई प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर राज बब्बर ने कहा कि उनके आने का पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता फायदा उठाने में नाकाम रहे। राज बब्बर ने कहा, "प्रियंका गांधी ने अपना काम किया, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और उम्मीदवार इसका पूरा फायदा उठाने में नाकाम रहे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने कड़ी मेहनत की, लेकिन हम उसका पूरी तरह फायदा उठाने में नाकाम रहे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जो कर सकते थे उन्होंने किया लेकिन हम फर्ज की कसौटी पर खरे नहीं उतर सके।"

'किसी को दोष देने के बजाय हार को स्वीकार करते हैं'

'किसी को दोष देने के बजाय हार को स्वीकार करते हैं'

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद आगे की रणनीति को लेकर प्रदेश पार्टी अध्यक्ष ने कहा, "लोकसभा चुनाव में मिली शिकस्त के लिए वह किसी को दोष देने के बजाय हार को स्वीकार करते हैं। इस हार का अकेले विश्लेषण नहीं किया जा सकता। इसके लिए नीचे से लेकर ऊपर तक सभी को बैठकर विचार करना होगा। हम अलग-अलग मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद कदम उठाएंगे और संगठन को और मजबूत करने पर जोर देंगे।

मुरादाबाद की जगह फतेहपुर सीकरी से उम्मीदवारी क्यों, राज बब्बर ने खोला राज

मुरादाबाद की जगह फतेहपुर सीकरी से उम्मीदवारी क्यों, राज बब्बर ने खोला राज

पहले मुरादाबाद से उम्मीदवार के तौर पर नाम घोषित होने के बाद राज बब्बर ने फतेहपुर सीकरी सीट से उम्मीदवारी की मांग की, हालांकि उन्हें यहां भी हार का सामना करना पड़ा। फतेहपुर सीकरी से उम्मीदवारी के फैसले पर जब उनसे पूछा गया तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "फतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़ने की मुख्य वजह थी कि वहां के लोगों ने कभी भी मेरा धर्म, जाति या समुदाय नहीं पूछा। मैं जैसा था उन्होंने मुझे उसी तरह से स्वीकार किया। ये मेरे इन्सेटिव की तरह था। इसके अलावा, मैंने भी उस जगह के साथ खुद की पहचाना।"

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