Video: बछड़ा नहीं 'बेटा'! निसंतान मालिक की मौत पर दौड़कर श्मशान पहुंचा, जोर-जोर से रोने लगा, लगाई परिक्रमा

रांची, 13 सितंबर: प्यार की कोई परिभाषा नहीं होती। इंसानों के अलावा जानवर भी प्रेम की भाषा को बहुत ही अच्छे से समझते हैं। इंसान और पालतू जानवर के बीच अटूट प्रेम के कई किस्से और वाकये आपने देखें और सुने होंगे, लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो सबसे अलग है। एक पालतू बछड़ा अपने मालिक की मौत के बाद भागकर श्मशान पहुंचा और वहां मालिक की अर्थी पर खड़ा होकर रोने लगा। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, यूजर इस वीडियो को देखने के बाद भावुक हो रहे हैं।

इंसान और जानवर का अटूट प्रेम

इंसान और जानवर का अटूट प्रेम

इंसान और जानवर के बीच प्रेम की यह अनोखी घटना झारखंड से सामने आई है। जहां हजारीबाग के चौपारण प्रखंड के चैथी गांव में एक बछड़ा अपने मालिक की मौत के बाद लोगों के रोकने के बावजूद अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए श्मशान घाट पहुंच गया। इतना ही नहीं श्मशान घाट पर दौड़कर आया बछड़ामालिक की अर्थी के पास घूमने लगा, जैसे मानों वो परिक्रमा कर रहा हो।

बेटा बनकर श्मशान घाट पहुंचा बछड़ा!

बेटा बनकर श्मशान घाट पहुंचा बछड़ा!

इस दुलर्भ प्रेम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक बछड़ के मालिक चौथी गांव के रहने वाले 80 वर्षीय मेवालाल ठाकुर की मौत हो गई। मेवालाल की कोई संतान नहीं थी। ऐसे में निःसंतान मालिक की मौत पर बछड़ा बेटा बनकर दूसरे गांव से श्मशान घाट पर पहुंच गया। इतना ही नहीं यहां आकर वो जोर-जोर से चिल्लाने लगा, उसकी आंखों भी नम थी।

शव को चूमा और परिक्रमा भी लगाई

शव को चूमा और परिक्रमा भी लगाई

घटना शनिवार की है, जब अंतिम संस्कार के लिए गांव के लोग मेवाराम के पार्थिव शरीर को गांव के श्मशान घाट लेकर पहुंचे थे तो पीछे से भागकर आया बछड़ा लाख रोकने के बाद भी नहीं रूका और चिता पर रखे शव की ग्रामीण और परिवार के साथ परिक्रमा करने लगा। बताया जा रहा है कि बछड़े ने मालिक के शव को चूमाऔर परिक्रमा के बाद मुंह से पकड़कर चिता पर लकड़ी भी रखी।

3 महीने पहले ही बेच दिया था बछड़ा, दूसरे गांव से भागकर आया

3 महीने पहले ही बेच दिया था बछड़ा, दूसरे गांव से भागकर आया

लोगों के मुताबिक पालतू बछड़ा तब तक वहां वहीं था, जब तक उसके मालिक की पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन नहीं हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक किसान मेवालाल ठाकुर के पास एक गाय थी। कुछ महीने पहले ही गाय ने बछड़े को जन्म दिया था, जिसकी गाय के साथ बछड़े की उसने खूब सेवा की थी, लेकिन अपनी मौत से तीन पहले मेवालाल ने उसे दूसरे गांव के एक किसान को बेच दिया था।

बेटा मानकर करवाया अंतिम संस्कार

बेटा मानकर करवाया अंतिम संस्कार

ऐसे में शनिवार को जब किसान की मौत हो गई तो अचानक बछड़ा वहां पहुंचा गया। इस दौरान उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे। यह दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें में भी आंसू आ गए। बछड़े को लोगों ने निसंतान मृतक किसान का पुत्र बताकर दाह संस्कार में शामिल कराया।

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