पर्यटकों से खचाखच भरे टूरिस्ट प्लेस, केंद्रीय गृह सचिव ने समीक्षा बैठक में राज्यों को दिया ये निर्देश
नई दिल्ली, 10 जुलाई। जिस तरह से पहाड़ी राज्यों में पर्यटकों का तांता लगा हुआ है, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर कभी भी आ सकती है। कोरोना की दूसरी लहर थमने और प्रतिबंधों में छूट क्या मिल लोगों समझ लिया कि वायरस हमेशा के लिए चला गया। ठंडे पर्यटन स्थलों से सामने आ रही तस्वीरें वाकई में चिंता का विषय है। इसी गंभीरता को समझते हुए केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने शनिवार को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।

इस बैठक में राज्य सरकारों द्वारा हिल स्टेशन और पर्यटन स्थल इलाकों में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया गया कि केंद्रीय गृह सचिव ने हिल स्टेशनों और अन्य पर्यटन स्थलों में कोरोना काल में भीड़ दिखाने वाली मीडिया रिपोर्टों के मद्दनजर सावधानी बरती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कोविड -19 की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है, राज्यों को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेसिंग और अन्य नियमों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
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अजय कुमार भल्ला ने पाया कि महामारी की दूसरी लहर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में थमी है। सकारात्मकता दर में गिरावट भी देखी गई है लेकिन राजस्थान, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में सकारात्मकता दर 10 प्रतिशत से अधिक है, जो चिंता का विषय है। गृह मंत्रालय ने कहा कि राज्यों को टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण और कोविड के खिलाफ तैयारियों पांच-गुना रणनीति का पालन करने के लिए भी कहा गया था, जैसा कि 29 जून के एमएचए आदेश में निर्धारित किया गया है।












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