Dharmendra Pradhan Love Story: 'डिबेट करते-करते दिल हार बैठे थे शिक्षा मंत्री', कौन हैं पत्नी मृदुला ठाकुर?
Dharmendra Pradhan Love story: नीट पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार (15 मई) को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कहा, छात्रों का हित सरकार की प्राथमिकता है,इस बार पेपर लीक माफिया नहीं बचेंगे, मैं ऐलान करता हूं कि अगले साल से नीट की परीक्षा ऑनलाइन होगी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान चर्चित हो गए हैं चलिए इसी बीच जानते हैं धर्मेंद्र प्रधान की लवस्टोरी के बारे में जो कि काफी दिलचस्प और फिल्मी है।

आपको बता दें कि अक्सर अपनी बातों से विरोधियों को चारों खाने चित्त करने वाले धर्मेंद्र प्रधान हिमाचल की मृदुला ठाकुर पर पहली नजर में ही फिदा हो गए थे। 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में जन्में धर्मेंद्र प्रधान असल में हिमाचल के जमाई बाबू हैं।
ओडिशा के धर्मेंद्र प्रधान को हिमाचली मृदुला से हुआ था प्यार
दरअसल हिमाचल के कोठुवां गांव की रहने वाली बेहद ही खूबसूरत लेकिन तेज तर्रार मृदुला ठाकुर हिमाचल यूनिवर्सिटी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नेता थीं। मुंबई के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में तेज तर्रार धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात मृदुला ठाकुर से हुई थी।
मृदुला के बोलने के अंदाज पर फिदा हो गए थे धर्मेंद्र प्रधान
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उस वक्त स्टेज पर किसी गहन विषय पर डिबेट चल रही थी, मंच पर धर्मेंद्र और मृदुला दोनों थे, जहां धर्मेंद्र युवा मृदुला के तर्क, बोलने के अंदाज पर फिदा हो गए थे। वो पहली नजर में मृदुला ठाकुर की छात्र राजनीति से प्रभावित हो गए थे। दोनों में मित्रता हुई और फिर लगा कि दोनों जीवन की नैया एक साथ चला सकते हैं। साल 1998 में इन्होंने परिवार वालों की सहमति से शादी कर ली, इस शादी से दोनों को दो बच्चे ( एक बेटा और एक बेटी) हैं।
शादी के बाद मृदुला ठाकुर ने लिया राजनीति से ब्रेक
शादी के बाद मृदुला ने राजनीति से ब्रेक लिया और घर-परिवार में जुट गईं लेकिन पति के साथ वो अक्सर राजनीतिक मंच पर नजर आती हैं, यही नहीं वो बहुत सारे सोशल इवेंट में भी व्यस्त रहती हैं। अपने नाम के अनुरूप ही वो स्वभाव से भी मृदुल हैं और पति के हर सुख-दुख में साए की तरह साथ रहती हैं, दोनों राजनीति के परफेक्ट कपल कहलाते हैं।
Dharmendra Pradhan को राजनीति विरासत में मिली
गौरतलब है कि धर्मेंद्र को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता देवेंद्र प्रधान, वाजपेयी सरकार (1998-2004) में पूर्व राज्य मंत्री थे। 1983 में तालचेर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान, वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से छात्र राजनीति में सक्रिय हुए, उन्होंने छात्र संघ के अध्यक्ष और बाद में सचिव के रूप में कार्य किया। उन्होंने भुवनेश्वर स्थित उत्कल विश्वविद्यालय से मानवशास्त्र (Anthropology) में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।
2021 से शिक्षा मंत्री का पदभार संभाल रहे Dharmendra Pradhan
साल 2000 में धर्मेंद्र प्रधान पल्लाहारा से ओडिशा विधानसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने 2004 से 2006 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं, वो जुलाई 2021 से शिक्षा मंत्री का पदभार संभाल रहे हैं।

















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