कौन है NEET UG पेपर लीक का मास्टरमाइंड राकेश मंडावरिया? पत्नी है सरपंच, परिवार में कौन-कौन?
NEET UG Paper Leak Mastermind: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला कथित गेस पेपर, सवालों के लीक होने और बड़े स्तर पर छात्रों तक सामग्री पहुंचाने के आरोपों से जुड़ा है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) जांच में जुटी है। परीक्षा रद्द होने के बाद अब जांच CBI को सौंप दी गई है। और इस पूरे मामले में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है राकेश मंडावरिया।
जांच एजेंसियों का दावा है कि राजस्थान के सीकर से एक ऐसा नेटवर्क चल रहा था, जिसने कथित प्रश्न बैंक को कई राज्यों तक पहुंचाया। 22 लाख से ज्यादा छात्रों वाली इस परीक्षा पर उठे सवालों ने अभिभावकों, छात्रों और कोचिंग इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है। अब हर कोई जानना चाहता है कि आखिर राकेश मंडावरिया कौन है और उसका इस पूरे विवाद से क्या संबंध है।

कौन है राकेश मंडावरिया?
राकेश कुमार मंडावरिया राजस्थान के सीकर जिले की खंडेला तहसील के समर्थपुरा गांव का निवासी बताया जा रहा है। वह अपने परिवार में सबसे छोटा है। परिवार में कुल छह भाई-बहन हैं, जिनमें पांच भाई और एक बहन शामिल हैं। परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक परिवार के अलग-अलग सदस्य विभिन्न सरकारी और निजी कार्यों से जुड़े हुए हैं। एक भाई शिक्षक के पद पर कार्यरत है, जबकि उसकी पत्नी ग्राम पंचायत नायनपुर में सरपंच है। दूसरा भाई ऑपरेटर के तौर पर काम करता है और एक अन्य भाई बेलदार के पद पर नियुक्त है। बहन की शादी हो चुकी है। परिवार से जुड़े लोगों का यह भी कहना है कि उनका एक रिश्तेदार डॉक्टर है। राकेश की मां का नाम कमला देवी बताया गया है।
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ग्रामीणों के अनुसार राकेश पिछले करीब 15 साल से गांव से बाहर रह रहा है। उसने 10वीं कक्षा के बाद गांव छोड़ दिया था। जानकारी के मुताबिक उसने बीडीएस की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन यह साफ नहीं हो पाया है कि उसने कोर्स पूरा किया या बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। पिछले चार से पांच वर्षों से वह सीकर की पिपराली रोड पर एक कोचिंग संस्थान के सामने कंसल्टेंसी ऑफिस चला रहा है।
क्यों बढ़ी राकेश मंडावरिया की मुश्किलें?
SOG की जांच में कई मोबाइल चैट, PDF फाइल और डिजिटल रिकॉर्ड सामने आए हैं। पुलिस को शक है कि सीकर से ही कथित गेस पेपर को आगे फैलाया गया। इसी वजह से जांच का फोकस अब राकेश मंडावरिया और उसके संपर्कों पर आ गया है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह सामग्री सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रही। चूरू, झुंझुनूं और उत्तराखंड के देहरादून तक इसके पहुंचने की बात सामने आई है। कई जगह छात्रों को इसकी प्रिंटेड कॉपी भी बांटी गई थी।
अब तक 15 लोग हिरासत में, 1 नासिक से गिरफ्तार
इस पूरे मामले में अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें राजस्थान और उत्तराखंड के कई लोग शामिल बताए जा रहे हैं। सोमवार को जयपुर के मनीष नाम के एक व्यक्ति को भी SOG ने हिरासत में लिया, जिसे जांच एजेंसियां कथित मास्टरमाइंड मान रही हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि यह सामग्री किन राज्यों में बेची गई और इससे कितनी रकम जुटाई गई।
NEET UG 2026 पेपर लीक की जांच की परतें अब महाराष्ट्र तक फैल गई हैं। जांच एजेंसियों ने इस मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नासिक के इंदिरानगर पुलिस थाना क्षेत्र से एक संदिग्ध को अपनी कस्टडी में लिया है।
इस संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद अब राजस्थान पुलिस और अन्य केंद्रीय टीमें उससे गहन पूछताछ कर रही हैं, ताकि पेपर लीक के मुख्य सरगनाओं और इस नेटवर्क के अन्य राज्यों में फैले तार को काटा जा सके। यह गिरफ्तारी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि NTA और CBI अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही हैं, जिन्होंने परीक्षा की पारदर्शिता में सेंध लगाई थी।
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