Union Budget 2024: चीन से FDI बढ़ाने की वकालत क्यों? जानिए आर्थिक सर्वे को लेकर वित्त मंत्री के दावे के मायने
Union Budget 2024: मोदी सरकार 3.0 अपना पहला पूर्ण बजट मंगलवार (23 जुलाई, 2024) को पेश करने जा रही है। इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए गए एक सर्वेक्षण को लेकर बड़ा दावा किया किया, जिसमें चीन से निवेश बढ़ाना अमेरिका में भारत के निर्यात से कहीं लाभकारी बताया गया है। सर्वे में कहा गया है कि भारत के पास 'चीन प्लस वन' ( China Plus One) रणनीति से लाभ उठाने के लिए दो विकल्प हैं- पहल ये कि या तो चीन की आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत होना और दूसरा चीन से एफडीआई को बढ़ावा देना।
चीन के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच सोमवार को संसद में पेश बजट-पूर्व इकनॉमिक सर्वे 2023-24 में बड़ी बात कही है। सर्वे में स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्यात बाजार का बढ़ावा को देने के लिए पड़ोसी देश (चीन) से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़ाना बेहतर बताया गया है।

'चीन प्लस वन' नीति का भी जिक्र
सर्वे में कहा गया है कि 'चीन प्लस वन' नीति का विकल्प अमेरिका के साथ व्यापार पर निर्भर रहने की तुलना में अधिक लाभकारी हो सकता है। इकनॉमिक सर्वे में कहा गया, "क्योंकि चीन, भारत का शीर्ष आयात भागीदार है और चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़ रहा है। चूंकि अमेरिका तथा यूरोप अपनी तत्काल आपूर्ति चीन से हटा रहे हैं, इसलिए चीनी कंपनियों द्वारा भारत में निवेश करना और फिर इन बाजारों में उत्पादों का निर्यात करना अधिक प्रभावी है, बजाय इसके कि वे चीन से आयात करें, न्यूनतम मूल्य जोड़ें और फिर उन्हें पुनः निर्यात करें।"
वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को संसद में ये सर्वेक्षण पेश किया। संसद में उन्होंने सर्वे का जिक्र करते हुए कहा, "इन विकल्पों में से, चीन से एफडीआई पर ध्यान केंद्रित करना अमेरिका में भारत के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अधिक आशाजनक लगता है, जैसा कि पूर्वी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं ने अतीत में किया था।"
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मिलेगा बढ़ावा
इकनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि चीन से एफडीआई प्रवाह भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला भागीदारी बढ़ाने में मदद कर सकता है। सर्वे में आगे कहा गया, "चूंकि भारत वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (जीवीसी) में अपनी भागीदारी को गहरा करना चाहता है, इसलिए उसे पूर्वी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की सफलताओं और रणनीतियों पर गौर करने की जरूरत है।"
चीन से FDI का भारत में सकारात्मक प्रभाव क्यों?
बदली वैश्विक परिस्थितियों की बीच मंगलवार को पेश किया जा रहा केंद्रीय बजट अहम होगा। बजट से पहले चीन से विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के कई मायने हैं। बात इकोनॉमिक सर्वे की हो रही है। जिसमें कहा गया है कि चीन आयात के मायने में भारत का शीर्ष भागीदार है, और चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़ रहा है। चूंकि अमेरिका और यूरोप अपनी तत्काल सोर्सिंग चीन से दूर कर रहे हैं, इसलिए चीनी कंपनियों का भारत में निवेश करना और फिर उत्पादों का निर्यात करना अधिक प्रभावी है।












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