बेरोजगारी दर फरवरी में बढ़कर 7.78 फीसदी हुई, चार महीनों में सबसे अधिक
नई दिल्ली। बेरोजगारी को लेकर जारी बहस के बीच सामने आए नए आंकड़े इस बहस को और तेज कर सकते हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) द्वारा सोमवार को जारी किए आंकड़े में बेरोजगारी की दर फरवरी में बढ़कर 7.78 फीसदी पर आ गई है। इसके पहले, जनवरी के महीने में बेरोजगारी की दर 7.16 फीसदी थी। ये आकंड़े अर्थव्यवस्था पर सुस्ती के प्रभाव को दर्शा रहे हैं।

सीएमआईई के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर पिछले महीने 5.97 फीसदी की तुलना में फरवरी में बढ़कर 7.37 फीसदी तक पहुंच गई है। जबकि शहरी क्षेत्रों में ये पिछली दर 9.7 के मुकाबले गिरकर 8.65 फीसदी पर आई है। दूसरी तरफ, मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई के आंकड़ों के मुताबिक, मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों की रफ्तार जनवरी के मुकाबले फरवरी महीने में धीमी रही है।
इसके पहले, मंदी और आर्थिक मोर्चे पर लगातार विपक्ष का सामना करने वाली मोदी सरकार को पहल ही झटका लगा था। आर्थिक मोर्चे पर राहत का इंतजार कर रही मोदी सरकार को झटका लगा जब ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीडीपी) ग्रोथ में गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही में जीडीपी में गिरावट का सिलसिला जारी है। सितंबर-दिसंबर के बीच देश की जीडीपी गिरकर 4.7 फीसदी पर पहुंच गई है।
वहीं, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने जीडीपी में गिरावट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा था। आनंद शर्मा ने कहा था कि हम सरकार के इस दावे को ख़ारिज करते हैं कि जो भारत की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट आ रही थी वो खत्म हो रही है। अगर सरकारी खर्चे को देखें-डिफेंस, प्रशासन और सर्विसेज़ इन तीनों को आप निकाल दें तो 3.7 GDP है हमारी, 4.7 नहीं है। आनंद शर्मा ने कहा था, सात क्वाटर में जीडीपी गिरती जा रही है, हालांकि आंकड़ा 4.7 का है लेकिन नॉमिनल जीडीपी 7.7 पर आ गई है, जो कि हमेशा डबल डिजिट में रहती थी। ऐसा दशकों में नहीं हुआ जो अब हो रहा है।












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