उमा भारती को चुभ गई योग गुरु बाबा रामदेव की ये बात, पत्र लिखकर निकाला गुस्सा
नई दिल्ली: योग गुरू बाबा रामदेव के उस बयान से केंद्रीय मंत्री उमा भारती आहत हैं जिसमें गंगा सफाई कार्यक्रम को लेकर उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा था कि उमा भारती की फाइल ऑफिस में अटक जाती है जबकि गडकरी की फाइल नहीं अटकती है। उन्होंने कहा था कि देश में सबसे ज्यादा किसी मंत्री का काम दिखता है तो वह नितिन गडकरी का काम दिखता है। बाबा रामदेव ने लंदन के टेम्स नदी किनारे 23 जून को अपने विचार व्यक्त किए थे। इसको लेकर उमा भारती ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि पूरी दुनिया के सामने दो मंत्रियों की तुलना करना अजीब था।

उमा भारती ने रामदेव को लिखा पत्र
योग गुरु को लिखे अपने पत्र में उमा भारती कहती हैं, 'मैं खुद भी नितिन गड़करी की प्रशंसक हूं और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है। उनके साथ करना सम्मान की बात है। लेकिन आपने पूरी दुनिया के सामने लंदन के किसी टीवी चैनल पर मेरे बारे में चर्चा करते समय शायद यह ध्यान नहीं दिया कि आप मुझे निजी तौर पर आहत और मेरे आत्मसम्मान पर चोट कर रहे हैं।

'आपके मुंह से निकला कोई जुमला मुझे हानि पहुंचा सकता है'
उमा भारती ने आगे लिखा है, 'अभी तक इन 50 सालों में अथक परिश्रम, निष्ठा और राष्ट्रवाद मेरी शक्ति रही हैं और इसी विश्वसनीयता ने मुझे राजनीति में उचित स्थान दिलाया है। आप भारत के योग गुरू और स्वदेशी के मसीहा हैं, इसलिए आपके मुंह से मेरे बारे में निकला कोई जुमला मुझे हानि पहुंचा सकता है। आप मेरे मार्गदर्शक हैं और मुझे विश्वास है कि आपका आशीर्वाद बना रहेगा। चूंकि, आपने सार्वजनिक टिप्पणी की थी कि इसलिए मैं भी इस पत्र को सार्वजनिक करूंगी।'

बाबा रामदेव ने दिया जबाव
वहीं उमा भारती के पत्र पर बाबा रामदेव का जवाब भी आया है। बाबा रामदेव ने कहा है कि उमा भारती और उनका रिश्ता आध्यात्मिक भाई-बहन का रिश्ता है। उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनकी मंशा उमा भारती को आहत करने की नहीं थी। उनका मकसद गंगा सफाई अभियान में आ रही परेशानियों की तरफ इशारा करने का था। उनकी धर्म-निष्ठा और राष्ट्र निष्ठा प्रशंसनीय है।
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