यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों का रविवार को दिल्ली में आंदोलन, सरकार से रखी ये मांग
नई दिल्ली, 14 अप्रैल: रूस यूक्रेन युद्ध के चलते हजारों भारतीय मेडिकल छात्र देश वापस लौटने के लिए मजबूर हुए हैं। वापस लौटे इन छात्रों के भबिष्य पर अब खतरा मंडरा रहा है। यूक्रेन से लौटे छात्रों में बड़ी संख्या पंजाब के छात्रों की है। अब ये छात्र भारत सरकार के खिलाफ आंदोलन करने जा रहा है। मेडिकल छात्र 17 अप्रैल को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर एक अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे, जिसमें केंद्र सरकार से उनकी पढ़ाई राज्य विश्वविद्यालयों में पूरी करने में मदद करने की व्यवस्था करने का आग्रह किया जाएगा।

माता-पिता के एक समूह ने गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि उनके बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है क्योंकि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी है। खारकिव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के चौथे वर्ष के छात्र अर्जुन बतीश के पिता हरीश कुमार ने कहा, "हम केंद्र से हमारे बच्चों के शैक्षणिक भविष्य पर और निर्णय लेने का आग्रह करते हैं, जिन्हें पिछले महीने यूक्रेन से निकाला गया था।
हरीश कुमार ने कहा कि चार राज्य पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना पहले ही यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों को अपने निजी और सार्वजनिक कॉलेजों में समायोजित करने के लिए सहमत हो गए हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने 4 मार्च को जारी एक अधिसूचना में कहा था कि विदेशी मेडिकल स्नातक जिनकी इंटर्नशिप युद्ध जैसी मजबूर स्थितियों के कारण लंबित थी, वे भारत में अपनी इंटर्नशिप के शेष भाग को पूरा करने के लिए पात्र हैं, लेकिन उनके पाठ्यक्रमों के प्रारंभिक वर्षों के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं है।।
एक अन्य पेरेंट्स जसपाल सिंह ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच तनाव अभी भी बढ़ रहा है, उनके बच्चों के लंबित डिग्री को पूरा करने के लिए वापस जाने की संभावना "बहुत धूमिल" है। यह हमारे लिए बहुत कठिन स्थिति है। सरकार के लिए यह जरूरी है कि वह तत्काल व्यवस्था करे ताकि हमारे बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
खारकिव विश्वविद्यालय में पांचवीं वर्ष की छात्रा सावनदीप कौर के पिता जगपाल सिंह ने कहा कि इस स्थिति से संवेदनशील तरीके से निपटना महत्वपूर्ण है क्योंकि निकाले गए छात्र पहले ही बहुत आघात से गुजर चुके हैं। उन्होंने कहा, "राज्य और केंद्र सरकार को छात्रों के भविष्य के लिए समन्वय से काम करना चाहिए।












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