UPSC लेटरल एंट्री पर मोदी सरकार ने लिया यू-टर्न, विज्ञापन रद्द करने के लिए यूपीएससी प्रमुख को लिखा पत्र
UPSC lateral entry: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेटरल एंट्री को लेकर दिए आदेश पर यूटर्न ले लिया है। पीएम मोदी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा सीधी भर्ती के विज्ञापन को रद्द करने का निर्देश दिया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्री जितेंद्र सिंह ने यूपीएससी प्रमुख प्रीति सूदन को लेटरल एंट्री विज्ञापन को रद्द करने के लिए पत्र लिखा। मोदी सरकार का ये कदम तमात विपक्षी राजनीतिक दलों और एनडीए सरकार के सहयोगियों के विरोध के बाद उठाया है।

बता दें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत एनडीए के कई साथी भी लैटरल एंट्री सिस्टम की जमकर आलोचना कर रहे थे। उनका तर्क है कि इसमें आरक्षण का प्रावधान नहीं है। चूंकि मोदी सरकार के सहयोगी दल भी इस भर्ती पद्धति का विरोध करने में शामिल हो गए। विवाद के बाद प्रधानमंत्री मोदी को हस्तक्षेप किया और इस विज्ञापन का रद्द करने का फरमान जारी कर दिया।
मंत्री ने पत्र में क्या लिखा?
जितेंद्र सिंह ने यूपीएससी प्रमुख को लिखे अपने पत्र में सार्वजनिक सेवाओं में आरक्षण के लिए प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही 17 अगस्त को घोषित रिक्तियों की समीक्षा और उन्हें रद्द करने का अनुरोध किया। मोदी सरकार ने कदम उठाकर समान अवसर सुनिश्चित करने के सरकार के रुख को जताया।
जानें क्या है पूरा मामला
बता दें मोदी सरकार के आदेश पर 17 अगस्त को यूपीएससी ने विभिन्न मंत्रालयों में सचिव और उप सचिव पदों के लिए 45 रिक्तियों का विज्ञापन दिया था। हालांकि इन पदों में कोई आरक्षण प्रावधान शामिल नहीं था, जिसके कारण व्यापक आलोचना हुई और अंततः उन्हें रद्द कर दिया गया।
मंत्री का दावा- यूपीए सरकार में ही हुई थी इसकी शुरूआत
मंत्री ने अपने पत्र में लिखा मोदी सरकार के मंत्री जीतेंद्र ने यूपीएूससी हेड को लिखे अपने पत्र में कहा लेटरल एंट्री की अवधारणा नई नहीं है। मंत्री ने बताया इस तरह की नियुक्तियों की सिफारिश सबसे पहले 2005 में वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता में केंद्र सरकार द्वारा की गई थी। यूपीए सरकार ने भी 2013 में लेटरल एंट्री के माध्यम से पदों को भरने पर विचार किया था। इन नियुक्तियों में यूआईडीएआई और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में नियुक्तियां शामिल हैं।












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