तिरुपति लड्डू विवाद पर अब सामने आया तिरुमाला मंदिर का बयान, बताया क्यों पड़ी थी लैब टेस्ट की जरूरत

Tirupati Laddu Prasadam Row: तिरुपति लड्डू प्रसादम में जानवरों की चर्बी वाला घी और फिश ऑयल मिलाए जाने की रिपोर्ट को लेकर विवाद जारी है। अब तिरुमाला मंदिर की ओर से इसपर प्रतिक्रिया आई है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के कार्यकारी अधिकारी शमाला राव (Shamala Rao) ने कहा,''जब मैंने टीटीडी की कार्यकारी अधिकारी का पद संभाला था, तो मुख्यमंत्री ने खरीदे गए घी और लड्डू की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की थी,जिसे बहुत पवित्र माना जाता है और 'प्रसादम' के रूप में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को चढ़ाया जाता है।''

उन्होंने आगे कहा, ''गुणवत्ता में कोई भी विचलन 'अपवित्र' (कुछ ऐसा करना जो पवित्र नहीं है) करने का कारण बनेगा। वह (सीएम) चाहते थे कि मैं यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाऊं कि इस मंदिर की पवित्रता बनी रहे, जिसमें शुद्ध गाय के दूध का घी ही इस्तेमाल किया जाए। हम अब इस पर काम कर रहे हैं।''

Tirupati Laddu

टीटीडी ने कहा कि मंदिर निकाय को घी की आपूर्ति करने वालों ने इन-हाउस मिलावट जांच सुविधा की कमी का फायदा उठाया और बाहरी सुविधाओं का भी उपयोग नहीं किया। टीटीडी की कार्यकारी अधिकारी शमाला राव ने कहा कि लैब में चयनित नमूनों में जानवरों की चर्बी मौजूदगी का पता चला है।

तिरुपति लड्डू बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे घी की गुणवत्ता पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि घी की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा, "गुणवत्ता में कमी का कारण इन-हाउस लैब का न होना है। इसलिए हमने नमूनों को जांच के लिए बाहरी लैब भेजा था।''

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TTD के अधिकारी शमाला राव ने बताया क्यों पड़ी लड्डू के लैब टेस्ट की जरूरत?

शमाला राव ने आगे कहा कि जब हमने इसपर जांच करना शुरू किया तो हमने पाया कि हमारे पास घी में मिलावट की जांच करने के लिए कोई आंतरिक प्रयोगशाला नहीं है। बाहरी प्रयोगशालाओं में भी घी की गुणवत्ता की जांच करने की कोई व्यवस्था नहीं है। घी की कीमत भी चौंकाने वाली थी। घी की कीमत जान कोई भी कह सकता है कि शुद्ध गाय का घी इतना कम खर्च में नहीं मिल सकता है।

शमाला राव ने आगे कहा कि इसलिए हमने सभी आपूर्तिकर्ताओं को चेतावनी दी थी कि अगर आपूर्ति किया गया घी लैब टेस्ट में पास नहीं हुआ तो उन्हें ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा। जिसके बाद हमने सभी नमूने एकत्र किए और इसे भेज लैब टेस्ट के लिए भेज दिया। ये लैब सरकार द्वारा नियंत्रित है और रिपोर्टें आई हैं और वे चौंकाने वाली हैं।

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शमाला राव ने कहा- जल्द करेंगे कानूनी कार्रवाई

शमाला रावने कहा कि, एक अच्छा लड्डू केवल शुद्ध गाय के घी से ही बनाया जाता है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अपनी इच्छा स्पष्ट रूप से व्यक्त की थी। उनके निर्देश पर, हमने नमूनों की बारीकी से जांच की और मानदंडों का उल्लंघन करने वालों को चेतावनी दी। हमने पहले उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी थी। जांच के लिए भेजे गए नमूनों में अत्यधिक मिलावट थी और हम जल्द ही कानूनी कार्रवाई करेंगे।

तिरुपति लड्डू की लैब रिपोर्ट में क्या कहा गया है?

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने दावा किया कि तिरुपति लड्डू की जांच गुजरात स्थित पशुधन प्रयोगशाला में हुई है। तिरुपति लड्डू लैब रिपोर्ट के सैंपल में "लार्ड" यानी सूअर की चर्बी और मछली के तेल पाए गए हैं। तिरुपति लड्डू के सैंपल 9 जुलाई को लिए गए थे और इसकी रिपोर्ट 16 जुलाई को आई थी। हालांकि ये रिपोर्ट आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की सरकार द्वारा अब सार्वजनिक की गई है।

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