क्या है बीफ टैलो? जानें तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल की जाने वाली 'जानवरों की चर्बी' के बारे में?
Tirupati Laddus Controversy: आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के प्रसाद यानी लड्डू में कथित रूप से जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल को लेकर विवाद जारी है। तिरुपति के मंदिर में मिलने वाले लड्डू में बीफ टैलो (Beef Tallow) यानी जानवरों की चर्बी और फिश ऑयल होने की पुष्टि हुई है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया था कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की पिछली सरकार में तिरुपति मंदिर में भक्तों को दिए जाने वाले प्रसाद के लड्डू जानवरों और मछलियों के तेल से बनाए गए थे।

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सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि लड्डुओं को बनाने में घी की जगह जानवरों की चर्बी और उनके फैट का इस्तेमाल होता था। उन्होंने कहा है कि इन सामग्रियों के इस्तेमाल से न केवल मंदिर की पवित्रता से समझौता हुआ, बल्कि इसके आस्था पर भी असर पड़ा है। जब सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने गुरुवार को दावा किया कि गुजरात स्थित पशुधन प्रयोगशाला द्वारा मिलावट की पुष्टि की गई है।
टीडीपी प्रवक्ता अनम वेंकट रमण रेड्डी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित प्रयोगशाला रिपोर्ट दिखाई, जिसमें दिए गए घी के नमूने में "जानवरों की चर्बी" की मौजूदगी की पुष्टि की गई है। ऐसे में लोगों में इस बात की उत्सुकता है कि आखिर ये बीफ टैलो होता है क्या है, जिसका इस्तेमाल प्रसाद को बनाने के लिए हुआ है।
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What is beef tallow? बीफ टैलो क्या है?
मुख्य विवाद बीफ टैलो के कथित उपयोग को लेकर है। बीफ टैलो, बीफ के टुकड़ों जैसे कि रम्प रोस्ट, पसलियों और स्टेक से मिलने वाला वसा (फैट) है। इसे मांस से निकाले गए शुद्ध वसा को पिघलाकर भी बनाया जा सकता है, जो ठंडा होने पर एक लचीले पदार्थ में बदल जाता है।
बीफ टैलो, को आमतौर पर गाय के वसा के रूप में जाना जाता है। जिसका उपयोग कई प्रकार के व्यंजनों में उपयोग किया जाता है। बीफ टैलो में उच्च मात्रा में हाई फैट होता है, जो ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत है। इसमें विटामिन A, D, E, और K भी होते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी है। अगर इसे संतुलित मात्रा में खाया जाए, तो यह एक स्वस्थ आहार का हिस्सा हो सकता है।
बीफ टैलो को भूनने, सेंकने, और अन्य खाद्य पदार्थों में स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। बीफ टैलो का इस्तेमाल बेकिंग में भी किया जाता है, खासकर कुछ प्रकार के पेस्ट्री और पाई में। इतना ही नहीं फास्ट फूड उद्योग में बीफ टैलो का उपयोग फ्राइंग में किया जाता है।
बीफ टैलो उपयोग को लेकर क्या है विवाद?
बीफ टैलो उपयोग के साथ कुछ विवाद भी जुड़े हुए हैं। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संतृप्त वसा का अधिक सेवन हृदय रोगों का खतरा बढ़ा सकता है। धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं की बात करें तो कुछ समुदायों में बीफ का सेवन वर्जित है, जिससे बीफ टैलो के उपयोग को लेकर सामाजिक और धार्मिक विवाद पैदा होते हैं।
Tirupati laddu Lab Report: तिरुपति लड्डू लैब रिपोर्ट
कथित लैब रिपोर्ट में नमूनों में "लार्ड" (सूअर की चर्बी से संबंधित) और मछली के तेल की मौजूदगी का भी दावा किया गया है। इसके लिए सैंपल 9 जुलाई 2024 को ली गई थी और लैब रिपोर्ट 16 जुलाई को आई थी।
टीटीडी ने प्रसादम की गुणवत्ता की जांच के लिए अब एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया। इस जांच समिति के सदस्य होंगे, डॉ बी सुरेंद्रनाथ, विजयवाड़ा के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक, प्रोफेसर बी महादेवन (आईआईएम-बैंगलोर), तेलंगाना पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय से डॉ जी स्वर्णलता।












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