गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा ने कहा-जेब में लेकर घूम रहा हूं ओलंपिक गोल्ड मेडल, ये मेरा नहीं पूरे देश का है

ये मेडल मेरा नहीं पूरे देश का है,नीरज ने कही दिल छू लेने वाली बात

नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक 2020( Tokyo olympic 2020) में गोल्ड मेडल लेकर देश लौटे गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा( Neeraj Chopra) समेत तमाम एथलिट्स का भव्य स्वागत किया गया। ओलंपिक में देश के लिए मेडल लेकर लौटे सभी खिलाड़ियों के लिए आज सरकार की ओर से सम्मान समारोह रखा गया, जहां उन्हें सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान नीरज चोपड़ा ने मंच पर आते ही अपनी मुस्कान से एक बार फिर से सबका दिल जीत लिया।

मेरा नहीं पूरे देश का मेडल

मेरा नहीं पूरे देश का मेडल

नीरज ने मंच पर आते ही सबसे पहले अपना गोल्ड मेडल सबको दिखाया और कहा कि जिस दिन से मेडल जीता है अपनी जेब में लेकर घूम रहा हूं। नीरज ने कहा कि जिस दिन से मेडल आया है ना खा पाया हूं, ना सो पाया हूं, लेकिन जब इसे देख लेता हूं सारी चीजें भूल जाता हूं, लगता है सब ठीक है। उन्होंने कहा कि ये मेडल मेरा नहीं बल्कि पूरे देश का मेडल है।

 मेडल जीतने का दर्द अगले दिन पता चला

मेडल जीतने का दर्द अगले दिन पता चला

ओलंपिक गोल्ड मेडल लेकर देश का सिर गर्व से ऊंचा करने वाले नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने कहा कि मुकाबल के अगले दिन शरीर दुख रहा था। कंधे और कमर में असीम पीड़ा था, लेकिन गोल्ड मेडल से सारे दर्द को खत्म कर दिया। उन्होंन कहा कि गोल्ड मेडल हासिल करने के बाद मुझे उस दर्द को सहन करने में कोई समस्या नहीं थी।

बताया जीत का फॉमूला

बताया जीत का फॉमूला

भाला फेंक का ओलिंपिक स्वर्ण जीतने वाले गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा ने इस समारोह के दौरान कहा कि फाइनल मुकाबले के दूसरे राउंड में उन्हें लग गया था कि उन्होंने भाले को 87.48 मीटर की दूरी तक फेंककर कुछ खास किया है। उन्होंने कहा कि शरीर को पता चल जाता है जब उसका भाले का निशाना सही लगता है। उन्होंने अपने बेस्ट थ्रो दिया था। हालांकि अगले दिन सुबह मेरे शरीर ने इस थ्रो के दर्द को महसूस किया। शरीर खासकर कंधे और कमर में काफी दर्द था, लेकिन यह दर्द सहन करने में कोई समस्या नहीं थी, क्योंकि उन्होंने देश के लिए सोना जीत लिया था। उन्होंने कहा क जीत का कमात्र मंत्र है, अपना 100 प्रतिशत दो और सामने वाल प्रतिद्वंदी से कभी नहीं डरो।

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