Exclusive: कैसे खुशी जाहिर करूं पता ही नहीं चल रहा, बजरंग की तबीयत ठीक नहीं, भावुक हो गए हरेंद्र पुनिया
भाई बजरंग पुनिया की जीत पर भावुक हुए हरेंद्र पुनिया
नई दिल्ली । देश गर्व से भर उठा है। पहली बार ओलंपिक में भारत ने 7 मेडल जीतकर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। टोक्यो अलंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) में भारत ने 1 गोल्ड मेडल , दो सिल्वर मेडल और 4 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। बजरंग पूनिया कुश्ती का ब्रॉन्ज मेडल जीतकर 130 करोड़ हिन्दुस्तानियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। बजरंग पुनिया ने फ्री स्टाइल 65 किलोग्राम इवेंट में कांस्य पदक जीता। वहीं इस जीत और देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतन पर बजरंग पुनिया का परिवार खुशी से झूम उठा है। मेडल जीतकर लौट रहे बेटे के लिए खास तैयारियां की जा रही है। बजरंग पुनिया के स्वागत के लिए परिवार और गांव ने अलग तैयारी की है।

वनइंडिया के साथ बातचीत के दौरान बजरंग पुनिया के भाई हरिंद्र पुनिया ने कहा कि हम इतने खुश है कि पता नहीं चल रहा है कि अपनी खुशी को कैसे जाहिर करें। उन्होंने कहा कि हम उसका इंतजार कर रहे हैं। उसने देश और परिवार और अपने गांव का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। उसकी कठिन मेहनत अब रंग लाई है। बात करते-करते हरेंद्र भावुक हो उठे, वो अपने भाई की तबियत को लकर चिंतिंत दिखें। उन्होंने कहा कि बजरंग ठीक नहीं है। उसक घुटनों में चोट लगी है। उन्होंने कहा कि चोट के बावजूद उनसे बहुत अच्छा खेला। उन्होंने कहा कि हमें भी उसकी चोट के अंदाजा नहीं था। हरेंद्र पुनिया ने कहा कि हम सबको खुशी है, उसने अच्छा खेला।

उन्होंने कहा कि बजरंग के स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। परिवार के लोगों का अआना शुरु हो गया है। गांव को सजाया जा रहा है। ढोल-नगाड़ों और फूलों के साथ उसका स्वागत किया जाएगा। उसके पसंद के पकवान बनेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि बजरंग से परिवार का नाम रौशन कर दिया है। बधाई देने वालों का तांता लगा है। फोन पर फोन आ रहे हैं। बस अब इंतजार है कि वो जल्द आ जाए। वहीं उन्होंने कहा कि सोमवार देर रात बजंरग पुनिया दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे। उनके स्वागत के लिए परिवारवाले खुद एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

बजरंग पुनिया के चोट के बारे में परिवार को भी नहीं थी जानकारी
ओलंपिक का ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले बजरंग पूनिया के घुटने में चोट लगी थी। इसकी जानकारी परिवारवालों को भी नहीं थी। जब टीवी पर उन्होंने बजरंग को खेलते देखा तब जाकर उन्हें पता चला कि उसे तकलीफ है। बजरंग ने भी एक इंटरव्यू क दौरान कहा था कि उन्हें 1 महीने पहले घुटने में चोट लगी थी, जिसके बाद डॉक्टर्स ने उन्हें नहीं खेलने की सलाह दी थी। वो 25 दिन प्रैक्टिस से बाहर थे, लेकिन वो देश के लिए सोना लाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि कांस्य पदक जीतकर मैं खुश नहीं हूं। मैं तो देश के लिए गोल्ड लाना चाहता था। उन्होंने कहा कि पेरिस ओलंपिक के लिए जी-जान से कोशिश करूंगा और देश के लिए गोल्ड लेकर आउंगा।
कौन है पहलवान बजरंग पूनिया
आपको बता दें कि पहलवान बजरंग पूनिया ने टोक्यों ओलंपिक में फ्री स्टाइल 65 किलोग्राम इवेंट में कांस्य पदक जीता है। उनका 26 फरवरी 1994 को हरियाणा के झज्जर जिले के खुड्डन गांव में हुआ। उनके पिता भी पहलवान रह चुके हैं। कुश्ती उन्हें विरासत में अपने पिता बलवान पुनिया से मिली है। पिछले साल ही उनकी शादी महावीर फोगात की बहन संगीता फोगाट से हुई है। आपको बता दें कि बजरंग पूनिया देश के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में तीन मेडल जीता है।












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