सरकार ने ढूंढ़ा पैलेट गन का विकल्प, AK-47 से निकलेगी प्लास्टिक की गोलियां
सीआरपीएफ डीजी राजीव राय भटनागर ने कहा कि उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए फोर्स कम नुकसान वाले हथियारों का इस्तेमाल करेगी
नई दिल्ली। कश्मीर में पत्थरबाजों पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों को अब खास तरह की प्लास्टिक की गोली मिलेगी। इन गोलियों का मकसद भीड़ को तितर-बितर करना और पुलिस की तरफ बढ़ रही भीड़ को रोकना होगा। जैसे ही प्लास्टिक की गोली एके-47 बंदूक से निकलेगी वह कई टुकड़ों में बंट जाएगी और वही टुकड़े प्रदर्शनकारियों को लगेंगे जिससे उनकी जान को खतरा नहीं होगा। लेकिन वे अपनी जगह से आगे नहीं बढ़ पाएंगे।

सीआरपीएफ डीजी राजीव राय भटनागर ने कहा कि उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए फोर्स कम नुकसान वाले हथियारों का इस्तेमाल करेगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्लास्टिक की 20000 गोलियां कश्मीर भेजी गई हैं।
राजीव राय भटनागर शनिवार को मेरठ में सीआरपीएफ की 108वीं बटालियन के सिल्वर जुबली समारोह में शिरकत करने आए थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि अभी तक हिंसक भीड़ और पत्थरबाजों को काबू करने के लिए जिस गोली का इस्तेमाल किया जाता था, उसके छर्रे लेड के होते थे। मनुष्य के शरीर के कुछ अंगों को वह भारी नुकसान पहुंचाते थे। अब आर्डिनेंट फैक्ट्री से खास डिजाइन की गई प्लस्टिक की गोली का इस्लेमाल पत्थरबाजों को काबू करने के लिए जल्द अमल में लाया जाना हैं।
कश्मीर में पैलेटगन के इस्तेमाल को लेकर काफी विरोध हुआ था। कहा गया था कि कश्मीर के लोगों को इससे बड़ा नुकसान हो रहा हैं। आंख तक पैलेटगन के छर्रे लगने से खराब हो रही हैं। पैलेटगन के इस्तेमाल पर रोक की मांग को देखते हुए सरकार ने ऐलान किया था कि जल्द ही उसकी विकल्प तलाशेंगे।












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