प्रसाद की शुद्धता के लिए 'सनातन धर्म सर्टिफिकेट' होना चाहिए, पवन कल्याण ने तिरुपति में की ये बड़ी मांग
Tirupati laddu controversy: आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भारत भर के सभी मंदिरों में प्रसाद और प्रसाद में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए 'सनातन धर्म सर्टिफिकेट' प्रणाली का प्रस्ताव रखा है।
पवन कल्याण की यह टिप्पणी तिरुमाला में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वितरित किए जाने वाले लड्डू की गुणवत्ता को लेकर चल रहे विवादों के बीच आई है। इधर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार (04 अक्टूबर) को तिरुपति मंदिर लड्डू विवाद से जुड़े मामले में सुनवाई होनी है।

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तिरुपति मंदिर में 'प्रसाद' के रूप में परोसे जाने वाले लड्डू बनाने में एनिमल फैट के उपयोग के आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर आज सुनवाई होनी है।
पवन कल्याण ने समझाया क्यों जरूरी है 'सनातन धर्म सर्टिफिकेट'
तिरुपति में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए पवन कल्याण ने कहा, "भारत के सभी मंदिरों में चढ़ावे और प्रसाद में प्रयुक्त सामग्री की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सनातन धर्म सर्टिफिकेट लागू किया जाना चाहिए।" पवन कल्याण ने सुझाव दिया कि यह प्रमाणपत्र मंदिर की प्रथाओं की पवित्रता को बनाए रखेगा और धार्मिक परंपराओं की भी रक्षा करेगा।
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उन्होंने सनातन धर्म के सिद्धांतों की रक्षा करने और देश भर में इसके संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर 'सनातन धर्म संरक्षण बोर्ड' के गठन का भी आह्वान किया। उन्होंने बोर्ड और इसकी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए समर्पित वार्षिक निधि की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
पवन कल्याण ने कहा,
"सनातन धर्म की रक्षा करने और इसकी मान्यताओं को नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाइयों को रोकने के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय अधिनियम की जरूरत है। इस अधिनियम को तुरंत लागू किया जाना चाहिए और पूरे भारत में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। इस अधिनियम के कार्यान्वयन की देखरेख के लिए राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर एक 'सनातन धर्म संरक्षण बोर्ड' की स्थापना की जानी चाहिए। इस बोर्ड और इसकी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए वार्षिक निधि आवंटित की जानी चाहिए।"
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