ओमिक्रॉन की चपेट में आने से बचने के लिए जानें इसके लक्षण और बरती जाने वाली सावधानियां
नई दिल्ली, दिसंबर 06। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के भारत में 21 मामले मिल चुके हैं। अभी तक कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान और राजधानी दिल्ली में नए वेरिएंट के मरीज मिल चुके हैं। ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर लोगों में दहशत का माहौल है, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' माना है। ऐसे में हमें डरने से ज्यादा नए वेरिएंट को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में सोचना चाहिए और उन्हें बरतना चाहिए। आपको बता दें कि ओमिक्रॉन वेरिएंट कोरोना का सबसे ज्यादा म्यूटेंट और सबसे तेजी से फैलने वाला वेरिएंट है। ऐसे में विशेषज्ञ यही सलाह दे रहे हैं कि सभी समय-परीक्षणित सावधानियों का पालन करें और लक्षणों जानने के बाद टेस्टिंग में देरी ना करें।

नए वेरिएंट के ये हैं लक्षण
ओमिक्रॉन को लेकर बरती जाने वाली सावधानियां जानने से पहले जरूरी है कि इसके लक्षण के बारे में जाना जाए, क्योंकि जब तक इसके लक्षण के बारे में आप नहीं जानेंगे, तब तक उससे बचने के तरीका कैसे समझ पाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन के लक्षण कोरोना के अन्य वेरिएंट से थोड़े अलग हैं। ओमिक्रोन से संक्रमित मरीज के अंदर थकान, हल्का सिरदर्द, बॉडी में दर्द और गले में खराश हो सकती है। दक्षिण अफ्रीका के डॉक्टर्स ने भी वहां पाए गए ओमिक्रॉन के मरीजों में इन्हीं लक्षणों पर अधिक गौर किया। पुणे स्थित अपोलो डॉयग्नोस्टिक के कंसल्टेंट पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर निरंजन नाइक का कहना है कि ओमिक्रॉन के प्रसार को रोकने के लिए ये जरूरी है कि समय पर इसकी पहचान की जा सके।

वैक्सीन और RT-PCR टेस्ट ओमिक्रोन पर कितना असरदार?
डॉक्टर नाइक का कहना है कि वर्तमान में जो RT-PCR टेस्ट किया जा रहा है, ये जरूरी नहीं कि उसमें ओमिक्रोन की पहचान भी हो जाए। इसके अलावा अभी इसपर भी शोध चल रहा है कि वैक्सीन का असर ओमिक्रोन पर कितना है, इसलिए जब तक इन सबके परिणान नहीं आ जाते, तब तक हमे ओमिक्रोन से संक्रमित होने से खुद को बचाना है, इसलिए कुछ प्रीकॉशन (सावधानियां) आपको बरतनी होंगी, जिनके बारे में हम आपको बताते हैं।

ओमिक्रोन से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
- विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ओमिक्रोन से बचने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का ही पालन करना है। मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, हाथों को साफ करना, बीमार लोगों से दूर रहना, यात्रा और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना और पूरी तरह से खुद को वैक्सीनेट रखना ही ओमिक्रोन से बचने की सावधानी है।
- डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह का कहना है कि हमें किसी भी कीमत पर लापरवाही नहीं करनी है। उन्होंने कहा कि संक्रमण को रोकने के लिए व्यापक और जरूरत के अनुसार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक उपाय जारी रखने चाहिए।
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