भारत में जन्म लेने वालों की होती हैं दो मां: भागवत
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ के दौरान निनौर में 'अंतर्राष्ट्रीय विचार कुंभ' का आयोजन किया गया है। जिसका उद्घाटन गुरूवार को आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने किया।
इस दौरान उन्होंने देश में फैली सहिष्णुता बहस पर टिप्पणी की और कहा कि देश में केवल सहिष्णुता ही नहीं है बल्कि विविधता भी है जिसे कि हमें अंलकार और खासियत के रूप में देखना चाहिए ना कि दोष के रूप में। भागवत ने कहा कि भारत में जन्म लेने वालों की दो मांएं होती है।
एक वो जिनके गर्भ से बच्चा जन्म लेता है और दूसरी मां यानी भारत माता, जिससे उसकी पहचान होती है। भागवत ने कहा कि मैंने प्राथमिक कक्षा में एक किताब मराठी में पढ़ी, जिसका अध्याय 'दो माताएं' था। इस अध्याय में कहा गया है कि जैसी आपकी एक जन्म देने वाली माता है, वैसी ही एक भारत माता है, जो आपकी मातृभूमि है। जन्म देने वाली माता के कारण शरीर मिला, मातृभूमि के कारण संस्कार मिला।













Click it and Unblock the Notifications