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महाराष्‍ट्र की उद्वव ठाकरे सरकार में म‍हज रबर स्‍टैंप बन कर रह गए ये मंत्री!

These ministers remained only rubber Stamps in the Uddhav Thackeray Government of Maharashtra! महाराष्‍ट्र में उद्वव सरकार में कुछ मंत्रियों को आरोप हैं कि वह वह महाराष्‍ट्र सरकार में महज रबर स्‍टैम्‍प बन कर रह गए हैं। जानिए और क्या लगाया आरोप?

बेंगलुरु। महाराष्‍ट्र में सीएम उद्धव ठाकरे सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मंत्रीमंडल के बाद से सरकार का जो ग्रहण काल शुरु हुआ वह खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। महाराष्‍ट्र में जब शिवसेना ने भाजपा का साथ छोड़कर जब एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनायी थी तब कहां गया था कि ये तीन पहियों की सरकार हैं जो ज्यादा दिन चलेगी नहीं। वर्तमान में उद्वव सरकार में जो अनबन की खबरें आ रही हैं उससे यह साबित हो चुका है कि जो तीन पहियों की यह सरकार तीनों पार्टियों के बीच बैलेंस न बना पाने के कारण लड़खड़ा रही है। शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस मंत्रियों के बीच रोज अनबन हो रही हैं। इस अनबन की खास वजह कुर्सी के रुतबें और तबज्जों को लेकर हैं। इतना ही नहीं पिछले दिनों शिवसेना नेता संजय राउत के बयानों से कांग्रेस का पारा और हाई हो गया हैं। इसी कारण इस गठबंधन में मतभेद जमकर सामने आ चुका हैं।

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बता दें महाराष्‍ट्र सरकार में दिसंबर में पहला मंत्रीमंडल विस्‍तार के बाद से ही शिवसेना और कांग्रेस के कई विधायक मनमाफिक मंत्रीमंडल न मिलने से खफा चल रहे हैं। इतना ही नहीं कई विधायक ऐसे भी हैं जिन्‍हें मंत्रीपद नहीं मिला उन्‍होंने सीएम उद्वव से अपनी नाराज़गी भी व्‍यक्त कर चुके हैं। अब महाराष्‍ट्र सरकार में शामिल कांग्रेस के मंत्री को तीनों पार्टियों में पद तो मिल गया लेकिन उनको तबज्जों नहीं मिल रही। कांग्रेस के मंत्रियों ने आरोप लगाया है कि वे अघाड़ी सरकार में महज रबर स्‍टैम्प बन कर रह गए हैं।

मंत्री ने आलाकमान से की है ये शिकायत

मंत्री ने आलाकमान से की है ये शिकायत

बता दें महाराष्‍ट्र सरकार में शामिल कांग्रेस पाटी के मंत्री पार्टी स्तर पर लगातार शिकायत कर रहे हैं। उन्‍होंने शिकायत की है कि सरकार में उनकी एक भी बात को न तो अहमियत नहीं दी जा रही और ना ही कोई बात सुनी जा रही।इनता ही नहीं उन्‍हें जो अधिकारी दिए गए है वो भी अपनी मनमानी करते हैं उनकी एक बात को नहीं सुनते हैं। ऐसे में वो सरकार में मंत्री बन कर भी कुछ कर नहीं कर पा रहे। ऐसे में मंत्री रहकर भी वे क्या करें? इतना ही नहीं कांग्रेस के कई मंत्री अपने कार्यालय तक में बैठ नहीं पा रहे। कांग्रेस के मंत्रियों ने इसकी शिकायत आलाकमान तक से की है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में कांग्रेस हाईकमान ने राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात, कैबिनेट मंत्री अशोक चव्हाण और पार्टी नेता पृथ्वीराज चव्हाण की फटकार लगाई हैं।

ये ही करना था तो क्यों बनाया है मंत्री ?

ये ही करना था तो क्यों बनाया है मंत्री ?

मीडिया में कांग्रेस के एक कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पिछले दिनों उन्‍हें जो विभाग का मंत्री बनाया गया है उस विभाग की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को बताया कि उन्हें क्या करना है। इसके दूसरे दिन उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने उसी मंत्री के विभाग की बैठक लेकर नया फरमान दिया। तीसरे दिन मुख्यमंत्री ने उसी विभाग की समीक्षा बैठक ली। तीनों ने अधिकारियों को अलग-अलग आदेश दिया। कांग्रेस के मंत्री का कहना हैं कि जब सारे कार्य शिवसेना और एनसीपी ही मंत्रियों को ही करना हैं तो उन्‍हें मंत्री बनाया ही क्यों गया?

मंत्रियों के बुलाने पर नहीं आते अधिकारी

मंत्रियों के बुलाने पर नहीं आते अधिकारी

कांग्रेस के एक मंत्री ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हए कहा कि वो अपने विभाग के अधिकारी को बुलाते हैं तो वह आता ही नहीं। वह कहता है कि वह किसकी सुने, कैबिनेट मंत्री, उपमुख्यमंत्री या फिर मुख्यमंत्री? वे लोग महज रबर स्टैंप बनकर ही रह जाएंगे। उसने यह भी बताया कि उनके जैसा हाल एनसीपी और शिवसेना के मंत्रियों का भी है, लेकिन वे अपनी फरियाद भी लेकर नहीं जा सकते क्योंकि उनकी पार्टी के प्रमुख बॉस ही उनके मुखिया हैं। जिनके इशारों पर यह सब हो रहा हैं।

इसलिए बनाई है महा विकास अघाड़ी समन्‍वय समिति

इसलिए बनाई है महा विकास अघाड़ी समन्‍वय समिति

सीएम उद्धव की तीन पहियों की सरकार चलती रहे इसके लिए ये मंत्रियों के बीच जो मनभेद और मतभेद है उसे दूर करने के लिए महा विकास अघाड़ी समन्‍वय समिति गठित की हैं। सीएम ने इस समिति का गठन महाराष्ट्र सरकार में रोज आ रही परेशानियों को हल करने के लिए बनाया है। बताया जा रहा है कि नई समिति में प्रमुख मंत्रियों को भी स्थान दिया जाएगा। इस समिति में प्रमुख मंत्रियों को शामिल किया जाएगा ताकी वो मंत्रियों के मतभेदों का दूर कर सके।

संजय राउत पर लगाए लगाम

संजय राउत पर लगाए लगाम

सरकार में रहते कांग्रेस मंत्रियों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की सुनवाई नहीं हो रही है। उल्टे शिवसेना के सांसद संजय राउत आए दिन बयान देकर रोज कांग्रेस की अग्निपरीक्षा ले रहे हैं। राउत के बयानों का कांग्रेस मंत्रियों और पदाधिकारियों को जवाब देते नहीं बन रहा है। कांग्रेस की मांग है कि शिवसेना राउत पर लगाम लगाए। बता दें शिवसेना के नेता संजय राउत ने पिछले दिनों कई ऐसे बयान दिए जिसके कारण सरकार के बीच मतभेद बढ़ गया। इतना ही नहीं उनके बयानों से महाराष्‍ट्र सरकार की खासी फजीहत भी हुई। यह समिति मंत्रियों की परेशानी को कम करने के लिए बनायी ही गयी है साथ ही शिवसेना नेता संजय राउत के बयानों पर लगाम लगाने के लिए भी बनायी गयी है। समन्वय समिति बनाने का निर्णय तीनों दल प्रमुख नेताओं ने लिया है।

मुसलमानों के कहने पर उद्धव सरकार में शामिल हुई कांग्रेस

मुसलमानों के कहने पर उद्धव सरकार में शामिल हुई कांग्रेस

गौरतलब हैं कि महाराष्‍ट्र में अगाड़ी सरकार में मंत्री और वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने पिछले दिनों कहा था कि मुसलमान बीजेपी को अपना दुश्‍मन मानते हैं, इसीलिए कांग्रेस बीजेपी को सत्‍ता में आने से रोकने के लिए सरकार में शामिल हुई है। उन्‍होंने दावा किया कि कांग्रेस के सत्‍ता में रहते महाराष्‍ट्र में सीएए लागू नहीं किया जा सकता। वह महाराष्‍ट्र के नांदेड में आयोजित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा, 'महाराष्ट्र में हमारी सरकार है। महाराष्‍ट्र में बीजेपी को सत्‍ता में आने से रोकने के लिए हम इस सरकार में शामिल हुए हैं। कई मुस्लिम भाइयों ने कहा था कि हमारी सबसे बड़ी दुश्‍मन बीजेपी है, बीजेपी को अगर रोकना है तो कांग्रेस को इस सरकार में शामिल होना चाहिए। इसीलिए कांग्रेस आज सरकार में शामिल है।

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